Amarnath Yatra 2025: बिना Registration यात्री, सुरक्षा पर सवाल? | Jammu | Pahalgam
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 02 Jul 2025 11:14 AM (IST)
अमरनाथ यात्रा में बिना पंजीकरण पहुंचे भक्तों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यात्री कैंप के बाहर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पंजीकरण का इंतजार कर रहे हैं. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई घटना के बाद यात्रा पर काफी असर पड़ने की आशंका जताई गई थी. तब तक 3,36,000 लोगों ने पंजीकरण करवाया था, लेकिन बाद में केवल 85,000 लोगों ने ही अपनी रजिस्ट्रेशन कन्फर्म की. हालांकि, सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बावजूद बड़ी संख्या में भक्तों के इस बार यात्रा में आने की पूरी संभावना है. सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी भी होती दिख रही है, जिसमें केवल यात्रा कॉन्वोय के जरिए चलने की बात कही गई थी. श्रीनगर के यात्री कैंप में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पिछले दो दिनों में पहुंचे यात्रियों को अंदर रुकने के लिए कहा गया है. बालटाल और पहलगाम दोनों रास्तों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध हैं. जम्मू से चला जत्था अब से 2 घंटे के भीतर बालटाल पहुंचेगा. सुरक्षा कारणों से इस बार यात्रा की गाड़ियों को रास्ते में मनीगांव, गुंड और कंगन में रोका जा रहा है और उन्हें जम्मू से चले काफिले के साथ ही बालटाल भेजा जाएगा. पवित्र गुफा की तरफ जाने वाले भक्तों के लिए निर्देश हैं कि पंजीकृत यात्री कैंप में एंटर करने के बाद बाहर नहीं आ पाएंगे. बिना पंजीकरण के यात्रियों का पंजीकरण हो रहा है, लेकिन 3, 4 और 5 जुलाई के लिए स्लॉट पूरे हो चुके हैं. इसके बाद वाले दिनों के लिए कोटा दिया जा रहा है. कई यात्री 13, 14, 15 या 16 जुलाई की तारीख होने के बावजूद पहले दर्शन की उम्मीद में पहुंच रहे हैं, जिससे जमीन पर दिक्कतें आ रही हैं. सुरक्षा बलों ने व्यापक प्रबंध किए हैं और 50,000 के करीब सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन (कंगन, श्रीनगर, अनंतनाग) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यात्रियों के लिए यात्रा को सुखद बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, यात्रियों की तरफ से बिना पंजीकरण के पहुंचने की गलती से दिक्कतें बढ़ रही हैं. एक महत्वपूर्ण बात यह है कि "यह कोई सामान्य यात्रा नहीं है। दुर्गम पहाड़ियों से होती हुई यह यात्रा जाएगी और मौसम विभाग की तरफ से जो अलर्ट जारी किया गया है, अगले 48 घंटे के लिए बारिशों का अनुमान किया गया है।" सुरक्षा और मौसम की मार से यात्रियों को बचाने के लिए प्रशासन ने हर मुमकिन तैयारी की है.