AIMIM Mahagathbandhan: बिहार में 'सियासी' हलचल, RJD से 'गठबंधन' या 'थर्ड फ्रंट'?
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 04 Jul 2025 10:54 AM (IST)
बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. AIMIM ने महागठबंधन में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चिट्ठी लिखी है. पार्टी का कहना है कि बिहार के भविष्य और सामाजिक सौहार्द को सामने रखते हुए यह कदम उठाया गया है. AIMIM ने 2020 के विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं, लेकिन बाद में उसके चार विधायक RJD में शामिल हो गए थे. इस अनुभव के बावजूद, AIMIM बिहार में सेक्युलर वोटों के बिखराव को रोकने के लिए महागठबंधन का हिस्सा बनना चाहती है. पार्टी ने नीतीश और भाजपा सरकार पर बिहार के सौहार्दपूर्ण वातावरण को चौपट करने का आरोप लगाया है.
महागठबंधन के एक साथी दल ने AIMIM के इस प्रयास को सिर्फ माहौल बनाने वाला बताया है, और कहा है कि बीजेपी उन्हें कभी नहीं जाने देगी. इस पर AIMIM ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. RJD की तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है, जिस पर AIMIM ने कहा है कि वे एक-दो हफ्ते इंतजार करेंगे. यदि महागठबंधन में बात नहीं बनती है, तो AIMIM के सामने बिहार में तीसरा मोर्चा बनाने का विकल्प भी खुला है. पार्टी का मानना है कि "मैं बलि देकर अगर देश को बचाया जा सकता है, बलि देकर अगर संविधान को बचाया जा सकता है तो अपना निजी हितों की बलि देकर की भी बिहार के सौहार्दपूर्ण वातावरण को सुरक्षित करने के लिए प्रयास करना चाहिए।" पार्टी ने शराबबंदी और शिक्षा के मामले में बिहार की मौजूदा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं.
महागठबंधन के एक साथी दल ने AIMIM के इस प्रयास को सिर्फ माहौल बनाने वाला बताया है, और कहा है कि बीजेपी उन्हें कभी नहीं जाने देगी. इस पर AIMIM ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. RJD की तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है, जिस पर AIMIM ने कहा है कि वे एक-दो हफ्ते इंतजार करेंगे. यदि महागठबंधन में बात नहीं बनती है, तो AIMIM के सामने बिहार में तीसरा मोर्चा बनाने का विकल्प भी खुला है. पार्टी का मानना है कि "मैं बलि देकर अगर देश को बचाया जा सकता है, बलि देकर अगर संविधान को बचाया जा सकता है तो अपना निजी हितों की बलि देकर की भी बिहार के सौहार्दपूर्ण वातावरण को सुरक्षित करने के लिए प्रयास करना चाहिए।" पार्टी ने शराबबंदी और शिक्षा के मामले में बिहार की मौजूदा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं.