Galgotias University Controversy: बेशर्म गलगोटिया का दूसरा कांड VIRAL | ABPLIVE
भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुए AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक चीनी रोबोडॉग को लेकर जो झगड़ा शुरू हुआ था, उसके बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी फिर से मुश्किल में आ गई है। इससे पहले एक रिप्रेजेंटेटिव ने क्लेम किया था कि जो रोबोट डॉग स्टॉल पर दिखाया गया था, उसे गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने “डेवलप” किया है। लेकिन बाद में पता चला कि वो रोबोट डॉग असल में चीन से सोर्स किया गया था। यानी खरीदा गया था। गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI इम्पैक्ट समिट, नई दिल्ली में आलोचना का सामना कर रही है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एग्जीबिशन स्टॉल पर डिस्प्ले किया गया एक रोबोटिक डॉग सवालों के घेरे में आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को विवाद हुआ और यूनिवर्सिटी को उसी वक़्त अपना एग्जीबिशन स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया। नेहा सिंह, जो गलगोटिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं, ने कहा कि कन्फ्यूजन हुआ क्योंकि उनकी बातों को गलत तरीके से इंटरप्रेट किया गया। रोबोडॉग के ओरिजिन को लेकर तुरंत सवाल उठने लगे। साथ ही प्रेजेंटेशन के दौरान किए गए क्लेम की एक्यूरेसी पर भी सवाल खड़े हुए। समिट भारत मंडपम, नई दिल्ली में हो रहा है। इस मुद्दे पर एक और स्टेटमेंट भी सामने आया था — “योर सिक्स, माई नाइन… इट्स अबाउट पर्सपेक्टिव”: गलगोटिया की नेहा सिंह ने रोबोडॉग क्लेम पर कहा था। समिट के दौरान आज सुबह यूनिवर्सिटी के स्टाफ और स्टूडेंट्स ने अपना स्टॉल खाली कर दिया। और दूसरी तरफ लिखित में माफ़ी भी मांगी। यूनिवर्सिटी ने माना कि पवेलियन पर खादी रिप्रेजेंटेटिव को प्रोडक्ट की नॉलेज नहीं थी। और उन्होंने कैमरे पर गलत जानकारी दी। इसकी फोटो है ऑक्टोपस पर अब एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इस क्लिप में प्रोफेसर नेहा सिंह नज़र आ रही हैं। वो एक सॉकर ड्रोन दिखते हुए कह रही हैं कि ये ड्रोन यूनिवर्सिटी में ही बनाया और डेवलप किया गया है। कौन हैं नेहा सिंह? AI समिट के दौरान नेहा सिंह इस पहल का पब्लिक फेस बनकर सामने आई थीं। लेकिन अब वो स्क्रूटनी के दायरे में हैं। सिंह, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशंस की फैकल्टी मेंबर हैं। एक और खबर में लिखा गया था — गलगोटियास ने रोबोडॉग फियास्को के लिए प्रोफ़ेसर नेहा सिंह को ज़िम्मेदार ठहराया: “कैमरे पर होने का उत्साह”। नवंबर 2023 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी जॉइन करने से पहले, नेहा सिंह शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। उन्होंने करियर लॉन्चर में वर्बल एबिलिटी मेंटर के रूप में भी काम किया। यह जानकारी उनके लिंक्डइन प्रोफाइल पर दी गई है। अब उनका लिंक्डइन प्रोफाइल “ओपन टू वर्क” दिखता है। इससे पहले वो GITAM में भी एक पोजीशन होल्ड कर चुकी हैं। नेहा सिंह ने 2006 में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से MBA पूरा किया था। इससे पहले उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद से B.Com डिग्री हासिल की थी। प्रोफेसर नेहा सिंह ने सफाई की कि रोबोडॉग को स्वदेशी रूप से विकसित बताना उनका इरादा नहीं था। उन्होंने कहा, “कॉन्ट्रोवर्सी इसलिए हुई क्योंकि शायद बातें साफ-साफ एक्सप्रेस नहीं हो पाईं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं अकाउंटेबिलिटी लेती हूं कि शायद मैं इसे ठीक से कम्युनिकेट नहीं कर पाई। यह सब बहुत एनर्जी और जोश के साथ और काफी जल्दी में किया गया था। इसलिए शायद मैं उतनी ही अच्छे से अपनी बात नहीं रख पाई जितना मैं आम तौर पर करती हूं।”


























