PICS: यूपी पुलिस की गोली का शिकार हुए विवेक, पत्नी ने मांगा सीएम योगी से जवाब
लखनऊ पुलिस ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि दोनों आरोपी पुलिसवालों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है. इस मामले में बेहद निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है और हर पहलू की जांच की जा रही है.
एडीजी आनंद कुमार ने कहा,हमने हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. विवेक का कोई चरित्र हनन नहीं किया गया है. वे भले आदमी थे. जांच की जाएगी कि आखिर किन हालातों में गोली चली है.
वहीं सूबे के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा,ये घटना दुखद है. वहां गोली चलाई जहां हक नहीं था. नाकेबंदी करके गिरफ्तारी की जा सकती थी. इस मामले में कानून अपना काम करेगा. कानून का दुरुपयोग करने वाले किसी मुगालते में ना रहें.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि ये कोई एनकाउंटर नहीं है. अगर जरूरत हुई तो मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाएगी.
कल्पना ने यूपी सरकार से हत्या की जांच सीबीआई से कराए जाने, पुलिस विभाग में नौकरी और जीवन यापन के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की है.
विवेक को लोहिया अस्पताल लाया गया और उनकी पत्नी कल्पना को घटना की सूचना दी गई. कल्पना ने बताया कि जब वो अस्पताल पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि विवेक को चोट लगी है. काफी वक्त बाद उन्हें विवेक की मौत के बारे में बताया गया.
उनके साथ उनकी सहकर्मी सना भी थीं जिनको घर छोड़ने के बाद वो अपने घर जाने वाले थे. गोमती नगर इलाके में पुलिस ने उन्हें रुकने को कहा. कॉन्स्टेबल प्रशांत का कहना है कि विवेक रोके जाने पर भाग रहे थे और जान से मारने की नीयत से बाइक पर अपनी गाड़ी चढा दी थी. जिसके बाद प्रशांत ने विवेक पर गोली चलाई.
28 तारीख की शाम एपल कंपनी के दो फोन भारत में शाम छह बजे से बेचे जाने शुरु हुए थे. विवेक एपल कंपनी के एरिया मैनेजर थे. उनके लिए ये बड़ा मौका था. वे रात में देर से ऑफिस से निकले थे.
विवेक ने सुल्तानपुर के केएनआईटी और मेरठ के दीवान इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की थी. सुल्तानपुर के रहने वाले विवेक फिलहाल अपने परिवार के साथ लखनऊ में रह रहे थे.
विवेक तिवारी एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर थे. उनकी उम्र करीब 30 साल थी और उन्होंने 2014 में एपल कंपनी ज्वाइन की थी.
लखनऊ में रहने वाले विवेक तिवारी अब इस दुनिया में नहीं हैं. वे अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं. विवेक पुलिस की गोली का शिकार हो गए.