पाकिस्तानी मदद की बदौलत नसीम और अरशद ने गोरखपुर में खड़ा किया था साम्राज्य
हालांकि परिवार ने नसीम और अरशद को निर्दोष बताया है और अदालत जाने की बात कही है. दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पाकिस्तान में इनके रिश्तेदार रहते हैं जिन्होंने इन्हें आतंक का रास्ता दिखाया और इसी के बूते इन लोगों ने पैसा कमाया.
देश में आतंक के रिमोट बने दोनों भाइयों की गिरफ्तारी ने इस बात को साबित कर दिया है कि आतंक का स्लीपर सेल देश में किस तरह से काम कर रहा है. इस मामले में अन्य गिरफ्तारियों और बड़े खुलासों से भी इंकार नहीं किया जा सकता है.
दोनों की अकूत संपत्ति की अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बंगले में 5 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. इस बंगले में लिफ्ट और छत पर स्विमिंग पूल भी बन चुका है. आस-पड़ोस के व्यापारी भी हैरत में हैं कि आखिर इतनी जल्दी ये लोग फर्श से अर्श पर कैसे पहुंच गए.
गोरखपुर के कैण्ट थाना इलाके में रहने वाले नईम के दो बेटों नसीम और अरशद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. नईम 13 साल पहले पंचर की दुकान चलाते थे. नईम के दोनों बेटों ने पिछले कुछ सालों में ही काफी संपत्ति जमा की थी. दोनों का विदेश आना-जाना भी था.
टेरर फंडिंग में पांच राज्यों से 10 लोगों की गिरफ्तारी के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है. यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तारी ने ये साबित कर दिया है कि देश के अंदर आतंक की जड़ें कितनी गहरी हैं और बड़े पैमाने पर स्लीपर सेल को रुपए पहुंचाए जा रहे थे.