इलाहाबाद में भी भगवान भरोसे बन रहे हैं पुल, न नागरिकों की जान की परवाह और न मजदूरों की
हैरत की बात यह है कि इलाहाबाद यूपी के डिप्टी सीएम और पीडब्लूडी विभाग के मुखिया केशव प्रसाद मौर्य का शहर है. इसके बावजूद यहां के पुलों का काम भगवान भरोसे चल रहा है और लोगों की ज़िंदगी दांव पर लगाकर निर्माण किया जा रहा है.
ज़्यादातर निर्माणधीन पुलों के नीचे अगल बगल बैरीकेडिंग तक नहीं की गई है. पुलों के बगल से पैदल या वाहनों से जो लोग गुजरते हैं, वह ज़िंदगी दांव पर लगाकर निकलते हैं. इलाहाबाद में यह हाल तब है जब कुंभ को लेकर केंद्र और यूपी की योगी सरकार सीधे तौर पर निगाह बनाए हुआ है.
इलाहाबाद: यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के शहर इलाहाबाद के निर्माणाधीन फ्लाईओवर्स से भी बनारस जैसा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.कुंभ मेले के लिए इलाहाबाद में इन दिनों आधा दर्जन से ज़्यादा फ्लाईओवर और ओवर ब्रिज बन रहे हैं, लेकिन कहीं भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. सभी निर्माणाधीन फ्लाईओवर्स और ओवर ब्रिज के नीचे और उनके बगल से गाड़ियां बेरोकटोक भर्राटे भरती हैं.पुलों के नीचे और अगल बगल सैकड़ों की तादात में गाड़ियां पार्क की जाती हैं.
बनारस की घटना से सबक लेते हुए दो-तीन जगह आज निर्माणाधीन पुलों के नीचे बैरीकेडिंग जरूर कर दी गई है. यहां से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि पैसों की लालच में अफसरों ने सभी लापरवाहियों से मुंह मोड़ रखा है. ज़िम्मेदार अफसरान बनारस हादसे के बावजूद कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं. इलाहाबाद के डीएम सुहास एलवाई का दावा है कि यहां किसी निगरानी की ज़रूरत ही नहीं है, क्योंकि यहां तो सब कुछ पहले से ही ओके है.
इन आठों पुलों का काम यूपी स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा है. सभी पुल कुंभ मेले से पहले ही शुरू होने हैं, लिहाजा इनके निर्माण का काम तेजी से हो रहा है. ज़्यादातर जगहों पर तीन शिफ्टों में दिन रात काम होता है, लेकिन निर्माण के दौरान न तो कहीं रास्ता बंद किया गया है और न ही बाई पास रास्ता तैयार किया गया है.
कुछ महीनों बाद लगने जा रहे कुंभ मेले के मद्देनजर इलाहाबाद में इन दिनों विकास की कई योजनाओं पर काम चल रहा है. इलाहाबाद में आठ फ्लाईओवर्स और रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण का काम चल रहा है. शहर में हाईकोर्ट के बाहर, पानी टंकी चौराहा, रामबाग, शिवकुटी, बेगम बाजार, गोविंदपुर, फूलपुर और नैनी में ओवर ब्रिज या फ्लाई ओवर बन रहे हैं.
पुलों के निर्माण से विकास के बीज तो बोए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण का काम लोगों की ज़िंदगी दांव पर लगाकर किया जा रहा है. यहां काम करने वाले मजदूर भी राम भरोसे काम करते हैं. उन्हें न तो हेलमेट दिया जाता है और न ही सिक्योरिटी किट. कई बार तो ऊपर लोहे के गार्डर बिछाए जाते हैं और वेल्डिंग की जाती है और नीचे और बगल से लोग पैदल या वाहनों से चलते नजर आते हैं.