Mayawati Birthday: तस्वीरों में देखें, राजनीति के छात्र से क्षत्रप बनने तक की कहानी

एसपी से गठबंधन का असर ही देखने को मिल रहा है कि बिहार के क्षत्रप लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव उनके जन्मदिन से पहले मायावती से मिलने पहुंचे. इस दौरान तेजस्वी यादव ने मायावती के पैर भी छुए. दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. बता दें कि लालू यादव कई मुद्दों पर मायावती का विरोध करते रहे हैं. (फोटो: गेट्टी इमेजेज)
मायावती को राजनीति में लाने का श्रेय कांशीराम को जाता है. खुद मायावती भी कई बार इस बात को दोहरा चुके हैं. जब मायावती एक स्कूल की शिक्षक थीं तब कांशीराम ने ही उन्हें राजनीति में लाया था और इसका ककहरा सिखाया था. सभी फोटो 'गेट्टी इमेज' से लिए गए हैं. (फोटो: गेट्टी इमेजेज)
राजनीतिक मजबूरी कहें या सियासी पैंतरा कि कभी मायावती अपने भाषणों में कांग्रेस को कोसती नजर आती है तो कभी कांग्रेस के नेताओं के साथ नजदीकियां भी देखने को मिल जाती है. यह तस्वीर कर्नाटक के मुख्यमंत्री के एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह की है जब मायावती सोनिया गांधी से मिलीं थी. (फोटो: गेट्टी इमेजेज)
बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्ष मायावती का आज 63वां जन्मदिन है. यह जन्म दिन मायावती और उनके पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए कई मायने में खास माना जा रहा है. 25 साल बाद सभी कड़वाटों को भुलाकर मायावाती ने समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया. लोकसभा चुनाव 2019 में एसपी और बीएसपी साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरेंगे. दोनों दलों के कार्यकर्ता एक दूसरे के उम्मीदवार को समर्थन करेंगे. माना जा रहा है कि यूपी की राजनीतिक फिजाओं में इस बार बदले बदले से नजारे देखने को मिल सकते हैं. (फोटो: गेट्टी इमेजेज)
सरकार चाहे किसी की भी रही हो मायावती हमेशा अपने कार्यकर्ताओं के बीच घिरी होती है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें प्यार से 'बहन जी' के नाम से पुकारते हैं. मायावती का कोई भी कार्यक्रम हो पार्टी के समर्थक दल-बल के साथ मौके पर मौजूद रहते हैं. (फोटो: गेट्टी इमेजेज)
ऐसा नहीं कि मायावती सिर्फ कांग्रेस और एसपी के साथ ही सरकार में रही हो. उनकी पार्टी बीएसपी, बीजेपी की नजदीक भी रह चुकी है. बीजेपी और उनके नेताओं से नजदीकियां बीएसपी और मायावती के लिए पुरानी बात है. हालांकि अब मायावती अपने हर भाषण और प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी को कोसती रहती है. (फोटो: गेट्टी इमेजेज)