Kumbh Mela 2019: नया एहसास दे जाएगा इस बार का कुंभ, श्रद्धालुओं के लिए की जा रही हैं विशेष तैयारियां
आस्था और विश्वास का सबसे बड़ा पर्व कुंभ इस बार 15 जनवरी यानि मकर संक्रान्ति से शुरू हो रहा है. सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 4 मार्च महाशिवरात्री तक चलेगा. पहला शाही स्नान 15 जनवरी को होगा. पूरे 50 दिनों तक चलने वाला यह आयोजन प्रयागराज में हो रहा है. कुंभ को लेकर योगी सरकार ने विभिन्न तरह की तैयारियां की हैं.
मेला क्षेत्र में एक नेत्र शिविर 'नेत्र कुंभ' का भी आयोजन किया गया है. शिविर में एक निशुल्क चेक-अप और एक चश्मा वितरण केंद्र है.
कुंभमेला 2019 में वर्चुअल रियलिटी कियोस्क लगाए गए हैं. इसके जरिए मेले में आने वाले लोग विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हेडसेट का उपयोग करके मेला क्षेत्र, आरती, शाही स्नान और दूसरी झलिकियों को 3D में देख सकेंगे. इसके लिए एक ऐप भी बनाया गया है जिसका नाम है VR DEVOTEE.
कुंभमेला 2019 से पहले शहर को सुंदर बनाने के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण की 'पेंट माई सिटी' पहल के तहत प्रयागराज के चौराहों, फ्लाईओवर, इमारतों और दीवारों को खूबसूरत पेंटिंग से सजाया जा रहा है. 5 एजेंसियों के 1000 से से ज़्यादा कलाकार दिन-रात काम करते हुए शहर को चमकाने व अलग लुक देकर अनूठे अंदाज़ में श्रद्धालुओं का स्वागत करने की तैयारियों में जुटे हुए हैं.
कुंभ मेले के अतिरिक्त मेला अधिकारी डीके त्रिगुणायत का कहना है कि 'मेला' क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त रखने के लिए, हमने 1,22,000 शौचालय और प्रयोग के तौर पर लगाए हैं. इतना ही नहीं अलग-अलग जगहों पर 50 रिवर्स-ऑस्मोसिस (आरओ) वाटर एटीएम लगाए गए हैं.पिछले कुंभ के मुकाबले यह संख्या तकरीबन साढ़े तीन गुना ज़्यादा है. इन शौचालयों के जरिये पूरा मेला क्षेत्र को ओडीएफ किये जाने का भी लक्ष्य है.
मेले में आने वाले लोगों के लिए में 'खोया-पाया' केंद्र की स्थापना की गई है. पूरे मेला क्षेत्र में 15 ऐसे केंद्र स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा एक मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किया गया है जिससे खोए लोगों को खोजने में मदद मिलेगी.
कुंभ मेले में एक 'संस्कृत ग्राम कुंभ' की स्थापना की गई है. जिसमें 17 अलग-अलग गैलरीज बनाई गई हैं. इसमें प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक युग को दर्शाया गया है.
कुंभमेला 2019 में एक फूड हब की स्थापना की गई है. जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों से विशेष व्यंजन परोसे जाएंगे.
इस साल पवित्र स्नान मकर संक्राति (15 जनवरी), पौष पूर्णिमा (21 जनवरी), मौनी अमावस्या (चार फरवरी), बसंत पंचमी (10 फरवरी), माघी पूर्णिमा (19 फरवरी) और महाशिवरात्रि (चार मार्च) को होगा. इनमें शाही स्नान मकर संक्राति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी को होगा.