करवा चौथ का व्रत खोलने कलेक्ट्रेट पहुंची पत्नियां, चीनी मिल खुलवाने की मांग लेकर धरने पर हैं किसान पति
करवा चौथ पर उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक अनोखा नजारा देखने को मिला. जब किसानों की पत्नियां व्रत खोलने के लिए धरना स्थल पर पहुंच गईं. दरअसल गन्ने की बकाया पेमेंट और बंद पड़ी चीनी मिलों को खुलवाने की मांग को लेकर किसान पिछले चार-पांच दिन से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. करवाचौथ के दिन व्रत खोलने के लिए पत्नियों ने भी धरना स्थल का रुख किया और विधि-विधान से व्रत खोला.
करवा चौथ के दिन हर महिला अपने पति का घर पर इंतज़ार करती हैं लेकिन पति धरने पर बैठे थे तो ख़ुद पत्नियां ही कलेक्ट्रेट पहुंच गयीं और रीति रिवाज से वहीं करवा चौथ मनाया. दरअसल गन्ना किसान रामपुर में जिला कलेक्ट्रेट प्रांगण में डीएम कार्यालय के सामने धरना देकर बैठे हुए हैं. ऐसे में करवा चौथ के त्यौहार पर पत्नियों को ही पतियों के पास आना पड़ा.
धरने पर बैठे किसानों के घर न पहुंचने पर किसानों की पत्नियां सज धज कर और पूजा का सामान लेकर धरना स्थल पर ही पहुंच गई और वहीं पर अपने पतियों की आरती उतारकर अपना व्रत खोला ऐसा उन्होंने इसलिए किया ताकि उनके पति कहीं अपनी मांगों को उठाने में कमजोर ना पड़ जाएं और सरकार से लड़ाई में वह पूरी ताकत से लड़ें.
किसानों की पत्नियों का कहना है कि वो अपने पतियों के साथ हैं और हर क़ुर्बानी देने को तैयार हैं. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में किसान पिछले कई दिन से जिला मुख्यालयों पर अपनी मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं.
करवा चौथ मनाने कलेक्ट्रेट पहुंची एक सुहागन दलजीत कौर ने बताया की उनके पति पिछले कई दिन से उनके पति यहां धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सब रोज़ी रोटी गन्ने से ही चलती है इसलिए हमारी सरकार से मांग है की वो बंद पड़ी गन्ना मीलों को चलवाएं.