अपना 'शाही बंगला' मायावती ने किया खााली, देखें अंदर की तस्वीरें
इस बंगले को सजाने-संवारने में ही 86 करोड़ ख़र्च हो गए थे. 13 माल एवेन्यू के सरकारी बंगले में मायावती 23 सालों से रहती थीं. इस घर में कांशीराम के साथ-साथ उनकी पर्स वाली मूर्ति भी लगी हुई है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद मायावती ने अपने घर को मीडिया के लिए खोल दिया. उन्हें पता था कि बंगला छोड़ने के बाद तो उसकी तस्वीरें जनता के सामने आ ही जाएंगी.
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए लखनऊ का 13-ए मॉल एवेन्यू बंगला भी खाली कर दिया. यह वही बंगला है जिसके हिस्से को बीएसपी ने मान्यवर श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल घोषित किया है. अब लखनऊ का 13-ए मॉल एवेन्यू बंगला कांशीराम स्मारक होगा.
यूपी में पूर्व मुख्य मंत्रियों को सरकारी बंगला देने का नियम रहा है. इसके बदले उन्हें मामूली किराया भर देना पड़ता है.लेकिन एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छह पूर्व सीएम को घर खाली करने का आदेश दे दिया.
बता दें कि मायावती का नया बंगला भी तैयार हो गया है और उनके घर का सामान भी वहां पहुंच गया है. योगी सरकार ने दो जून तक सबको मकान खाली करने का नोटिस दिया था.
इससे पहले मायावती ने लखनऊ में लालबहादुर शास्त्री मार्ग पर स्थित बंगला नंबर छह भी 30 मई को खाली कर दिया था. उन्होंने इसकी चाबियां राज्य सम्पत्ति अधिकारी को स्पीड पोस्ट के जरिए भेज दी थीं.
मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद मीडियाकर्मियों को 13-ए मॉल एवेन्यू बंगला देखने की इजाजत दी.
मायावती कहने लगीं कि मैं तो इस घर के दो कमरों में ही रहती थी. बाक़ी घर में तो कांशीराम जी का म्यूज़ियम और लाइब्रेरी थी. इसके बाद मीडिया के कैमरों के बीच मायावती अपने निजी घर में शिफ़्ट हो गईं.
मायवती ने बेड रूम से लेकर टॉयलेट तक बंगले का एक-एक कोना मीडिया को दिखाया. मायावती ने कहा कि सब देख लो आप लोग, मैं यहां कैसे रहती थी. जिस बंगले की चारदीवारी इतनी ऊंची बनी थी कि परिंदा भी पर न मार सके. वो पत्रकारों के लिए खोल दिया गया.
गौरतलब है कि बीते सात मई को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब सरकारी बंगले खाली करने होंगे.