रिश्वत ले रहे थे पुलिसवाले, सीसीटीवी कैमरे में कैद वीडियो हुआ वायरल
इलाहाबाद की यह तस्वीर यह बताने के लिए काफी है कि योगीराज में भी पुलिस वालों की कार्यशैली नहीं बदली है.सरकार उन्हें भले ही नसीहतों की घुट्टी पिलाती हो, लेकिन वह अपनी आदतों और करतूतों से बाज आने को तैयार नहीं है.
सीसीटीवी में कैद वीडियो को थाने के ही किसी पुलिसवाले ने सोशल मीडिया पर वायरल करा दिया. वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी नितिन तिवारी ने मामले की जांच कराई. जांच में रिश्वत की बात सामने आने पर उन्होंने न सिर्फ दोनों पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया, बल्कि हंडिया कोतवाली में ही उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया.
जांच में यह साबित हो गया था कि दोनों पुलिसवाले पैसे लिए बिना लोगों का कोई काम नहीं करते थे और पैसों के लिए परेशान लोगों पर दबाव भी बनाते थे. एफआईआर दर्ज होने के बाद से दोनों पुलिसवाले फरार हैं. थाने में सीसीटीवी लगा होने के बावजूद बेफिक्र होकर रिश्वत लेने का यह मामला इलाहाबाद के गंगापार इलाके की हंडिया कोतवाली का है. यहां शिकायत रूम में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, लेकिन सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में साफ़ है कि हेड कांस्टेबल राम नारायण सिंह व कांस्टेबल राकेश कुमार बेफिक्र होकर लोगों से पैसे वसूल रहे हैं.
इलाहाबाद : यूपी की योगी सरकार क़ानून व्यवस्था पर नकेल कसने के लिए आपरेशन क्लीन स्वीप अभियान चला रही है, जबकि हकीकत यह है कि थानों पर तमाम पुलिस वाले आज भी बिना पैसा लिए कोई काम करने को तैयार नहीं हैं. इलाहाबाद में एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जहां पुलिस वाले थाने के उस कमरे में भी रिश्वत लेने से नहीं हिचके, जहां सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है.
बहरहाल सीसीटीवी कैमरे में कैद रिश्वतखोरी का फुटेज सामने आने के बाद अफसरों ने न सिर्फ दो कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया है, बल्कि उनके खिलाफ उसी थाने में एफआईआर भी कर दी है, जिसमे ड्यूटी करने के दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की परवाह किए बिना रिश्वत ली थी.सस्पेंड करने और मुकदमा दर्ज करने से पहले एसपी रैंक के अफसर से मामले की जांच भी कराई गई थी.