इलाहाबाद: कुंभ मेले की तारीखें तय, इस बार 50 दिनों का होगा मेला
पारम्परिक तौर पर इस बार भी चौदह और पंद्रह जनवरी को मकर संक्रांति, चार फरवरी को मौनी अमावस्या और दस फरवरी को बसंत पंचमी के दिन अखाड़ों के साधू संतों का शाही स्नान होगा. आचार्य अविनाश राय के मुताबिक़ इस बार के कुंभ के दौरान ख़ास ज्योतिषीय सहयोग बन रहा है, जो न सिर्फ मेले को बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न करा देगा, बल्कि यह कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ख़ासा फलदायक भी होगा.
कुंभ के इन स्नान पर्वों की तारीखों का औपचारिक एलान उन्नीस मई को इलाहाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य द्वारा किया जाएगा. इस मौके पर सीएम और डिप्टी सीएम के साथ ही योगी सरकार के कई मंत्री भी अखाड़ों के साधू संतों के साथ औपचारिक बैठक करेंगे. इस बैठक में साधू संतों की औपचारिक सहमति लेने के बाद तारीखों और शाही स्नान का औपचारिक एलान कर दिया जाएगा. सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव इस मौके पर कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे. दोनों कुंभ के मद्देनजर इलाहाबाद में बन रहे आठ पुलों का निरीक्षण कर अफसरों को ज़रूरी हिदायत भी दे सकते हैं. इस बार के कुंभ में दुनिया भर से तकरीबन पंद्रह करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.
पौष पूर्णिमा के दिन से ही एक महीने के कल्पवास की शुरुआत होगी. चार फरवरी को कुंभ का सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या का होगा. दस फरवरी को बसंत पंचमी पर आस्था की डुबकी लगेगी, जबकि उन्नीस फरवरी को माघी पूर्णिमा पड़ेगी. माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व पर संगम पर एक महीने तक चलने वाले कल्पवास का समापन होगा. चार मार्च को महाशिवरात्रि के आख़िरी स्नान पर्व के साथ कुंभ मेले का समापन हो जाएगा.
इलाहाबाद : संगम के शहर इलाहाबाद में कुछ महीने बाद लगने जा रहे कुंभ मेले के स्नान पर्व की तारीखें तय कर ली गई हैं. इस बार का कुंभ पचास दिनों का होगा, जो कि चौदह जनवरी को मकर संक्रांति से शुरू होकर चार मार्च को महाशिवरात्रि तक चलेगा. इस बार के कुंभ में भी अखाड़ों के साधू-संतों का तीन शाही स्नान होगा. कुंभ के स्नान पर्वों और शाही स्नान की तारीखों का औपचारिक एलान 19 मई को इलाहाबाद में साधू-संतों के साथ होने वाले कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में किया जाएगा.
कुंभ की तारीखें तय करने वाले ज्योतिषियों के मुताबिक़ इस बार शनि के धनु राशि में प्रवेश करने से ख़ास फलदायी संयोग बन रहा है. करीब तीस सालों बाद बन रहा यह अदभुत संयोग कुंभ में आकर त्रिवेणी की धारा में आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ज़्यादा लाभदायक साबित होगा.कुंभ के स्नान पर्व की तारीख तय करने वाले ज्योतिषियों में शामिल आचार्य अविनाश राय के मुताबिक़ इस बार का कुंभ मेला चौदह जनवरी की रात को मकर संक्रांति के स्नान पर्व के साथ शुरू होगा. मकर के बाद दूसरा स्नान पर्व पौष पूर्णिमा का होगा, जो कि इक्कीस जनवरी को पड़ेगा.