लखनऊ: बस अड्डा जो एयरपोर्ट जैसा दिखता है, मिलेंगी लग्जरी फैसिलिटीज
समाजवादी पार्टी के ही सांसद संजय सेठ की कंपनी ने इसे बनाया है. 50 करोड़ रुपयों के ख़र्च से बना ये बस टर्मिनल अखिलेश सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट था. यूपी का अपनी तरह का ये इकलौता सरकारी बस अड्डा है.
आलमबाग बस अड्डे को लखनऊ मेट्रो से भी जोड़ा जा रहा है. इसके लिए अलग से एक रास्ता बनाया गया है. जिसको सीधे बस अड्डे की पहली मंज़िल से जोड़ा गया है. मेट्रो को बस अड्डे से जोड़ने से लखनऊ से बाहर जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा हो जाएगी. लेकिन इस बस टर्मिनल के रख रखाव को लेकर अभी आख़िरी फ़ैसला नहीं हुआ है.
पूरा बस अड्डा एयरकंडीशन्ड है. इस बस टर्मिनल से हर दिन 750 बसों का संचालन होगा. गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ से लेकर दिल्ली तक की बसें यहां से रवाना होंगी.
इसके लिए बस अड्डे को बनाने वाली कंपनी को यूज़र फ़ी लेने का अधिकार दिया गया था. लेकिन योगी सरकार चाहती है कि यात्रियों से यूज़र फ़ी न ली जाए. ट्रांसपोर्टर मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह कहते हैं “ बातचीत चल रही है, जल्द ही कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा”. आलमबाग बस अड्डे को इस तरह बनाया गया है कि वो हर तरह से एक एयरपोर्ट का लुक देता है.
लखनऊ के आलमबाग बस अड्डे पर बसों के लिए 45 प्लेटफ़ार्म, चार रिज़र्व प्लेटफ़ार्म और 50 बसों की पार्किंग सुविधा है. 200 यात्रियों के लिए अलग से पार्किंग का इंतज़ाम है. इस बस टर्मिनल पर मॉल के साथ साथ 125 कमरों का होटल भी बना हुआ है.
डबल बेड वाले एक कमरे का किराया 2200 रूपये रखा गया है.बैंक, पोस्ट ऑफ़िस और फ़ूड कोर्ट भी बनाया गया है
सोशल मीडिया पर लखनऊ के एक सरकारी बस अड्डे की तस्वीरें ख़ूब चर्चा में है. एक बार तो आप भी धोखा खा जायेंगे कि ये बस टर्मिनल है या फिर कोई एयरपोर्ट. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ कल आलमबाग बस अड्डे का उद्घाटन करेंगे. अखिलेश यादव ने इसका शिलान्यास किया था.