किन लोगों का नहीं बनता आधार कार्ड? जान लें काम की बात
कई ऐसी कैटेगरी के लोग है जिनका आधार कार्ड नहीं बनता है. सबसे पहले कोई भी विदेशी नागरिक आधार कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकता है. आधार केवल भारत में रहने वाले पात्र निवासियों के लिए है.

आज आधार कार्ड देश में सबसे जरूरी पहचान डॉक्यूमेंट में से एक बन चुका है. 12 अंकों का यह यूनिक पहचान नंबर यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी किया जाता है, जो भारत सरकार के दिशा निर्देश के तहत काम करता है. हालांकि हर व्यक्ति आधार के लिए आवेदन नहीं कर सकता है ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन लोगों का आधार कार्ड नहीं बनता है. चलिए तो आज हम आपको बताते हैं कि किन लोगों का आधार कार्ड नहीं बनता है.
किन लोगों का नहीं बनता आधार कार्ड?
कई ऐसी कैटेगरी के लोग हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं बनता है. सबसे पहले कोई भी विदेशी नागरिक आधार कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकता है. आधार केवल भारत में रहने वाले पात्र निवासियों के लिए है. इसके अलावा जो लोग अवैध रूप से देश में घुसपैठ कर रहे हैं, वह भी आधार के लिए पात्र नहीं माने जाते हैं. वहीं किसी मृत व्यक्ति के नाम पर भी आधार के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति गलत या फर्जी जानकारी देकर आधार बनवाने की कोशिश करता है तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
कैसे बनता है आधार कार्ड?
आधार कार्ड बनाने के लिए देशभर में नामांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं. ऐसे में किसी भी नजदीकी केंद्र की जानकारी यूआईडीएआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल सकती है. इसके अलावा आवेदनकर्ता ऑनलाइन अपॉइंटमेंट पर बुक करा सकते हैं या सीधे केंद्र पर जाकर नामांकन करवा सकता है. नामांकन के दौरान पहचान प्रमाण, एड्रेस का प्रमाण और जन्म तिथि से जुड़ें डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं. इसके अलावा बच्चों के लिए माता-पिता का आधार और जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक होता है. वहीं केंद्र पर आवेदक का फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और फोटो ली जाती है. वहीं सारी जानकारी डिजिटल रूप से जमा की जाती है और प्रक्रिया पूरी होने पर नामांकन पर्ची दी जाती है, जिसमें ईआईडी नंबर होता है. इसी नंबर से आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है.
सख्त जांच के बाद जारी होता है आधार
आधार जारी होने से पहले नामांकन डाटा की जांच, डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक मिलान की प्रक्रिया होती है. डाटा को सुरक्षित तरीके से सेंट्रल आईडी रिपॉजिटरी में अपलोड किया जाता है. जहां ऑटोमेटिक वैलिडेशन, एप्लीकेशन जांच और मैनुअल क्वालिटी चेक किए जाते हैं. ऐसे में अगर डाटा तय मानकों पर खरा नहीं उतरता या किसी अन्य व्यक्ति से मेल खाता है, तो आवेदन खारिज किया जा सकता है. वहीं सारी जांच पूरी होने और व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित होने के बाद ही आधार नंबर जारी किया जाता है. इसके अलावा आधार नंबर जारी होने के बाद संबंधित जानकारी प्रिंटिंग पार्टनर को भेजी जाती है. इसके बाद आधार कार्ड छापकर लॉजिस्टिक पार्टनर इंडिया पोस्ट के जरिए आवेदक के एड्रेस पर पहुंचाया जाता है.
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Source: IOCL


























