किन लोगों को मिलता है कन्या सुमंगला योजना का लाभ? जानें योजना के नियम व शर्तें
2019 में शुरू की गई यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख पहल मानी जाती है. इस योजना की शुरुआत में कुल 15000 रुपये की मदद दी जाती थी, जिसे वित्तीय वर्ष 2024 25 से बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया गया है.

बेटियों की पढ़ाई और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही है. जिनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी और कई योजनाएं शामिल है. इन्हीं योजनाओं में से एक मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना भी शामिल है. इस योजना का मकसद परिवारों पर आर्थिक दबाव कम करना और बेटियों को जन्म से लेकर हायर एजुकेशन तक आर्थिक सहयोग देना है. समय-समय पर इस योजना में कई बदलाव किए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को फायदा मिल सके. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं की कन्या सुमंगला योजना का लाभ किन लोगों को मिलता है और इस योजना के लिए नियम और शर्तें क्या-क्या है.
क्या है कन्या सुमंगला योजना?
अक्टूबर 2019 में शुरू की गई यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख पहल मानी जाती है. इस योजना की शुरुआत में कुल 15000 रुपये की मदद दी जाती थी, जिसे वित्तीय वर्ष 2024-25 से बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया गया है. यह रकम एक साथ नहीं बल्कि छह अलग-अलग चरणों में दी जाती है जो बेटी के जन्म, टीकाकरण और पढ़ाई के से जुड़े अहम पड़ाव से जुड़ी होती है. इस योजना का उद्देश्य लिंग भेदभाव कम करना है, बाल विवाह पर रोक लगाना है, बेटियों की सेहत और शिक्षा को बढ़ावा देना है और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है.
किस चरण में कितनी मिलती है राशि ?
कन्या सुमंगला योजना की राशि 6 चरणों में दी जाती है, जिसमें पहले चरण में बच्ची के जन्म पर आर्थिक सहायता दी जाती है. वहीं दूसरे चरण में एक साल तक का पूरा टीकाकरण होने पर सहायता दी जाती है. तीन तीसरे चरण में कक्षा एक में एडमिशन पर राशि मिलती है. चौथे चरण में कक्षा 6 में एडमिशन पर राशि दी जाती है. पांचवें चरण में कक्षा 9 में एडमिशन पर सहायता प्रदान की जाती है और छठे चरण में 12वीं पास करने के बाद ग्रेजुएशन या 2 साल या उससे ज्यादा समय के डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन पर अंतिम किस्त दी जाती है. आपको बता दें कि हर चरण में तय राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है.
किसे मिलता है योजना का लाभ?
कन्या सुमंगला योजना का लाभ सिर्फ उत्तर प्रदेश में रहने वाले परिवार की बेटियों को मिलता है. वहीं इस योजना का लाभ पाने के लिए वार्षिक पारिवारिक आय तीन लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही योजना का फायदा मिल सकता है. साथ ही इस योजना का लाभ पाने के लिए परिवार में दो ही बच्चे होने चाहिए. वहीं खास परिस्थितियों में जैसे दूसरी डिलीवरी में जुड़वा बेटियां होने पर तीसरी बच्ची को भी योजना का लाभ दिया जाता है.
कैसे कर सकते हैं योजना के लिए आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. महिला एवं बाल विकास विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सिटीजन सर्विस पोर्टल के जरिए इसमें रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार नंबर, मोबाइल नंबर और दूसरे जरूरी जानकारी भरनी होती है और वहीं ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद यूजर आईडी मिलती है. जिससे लॉगिन कर बच्ची का रजिस्ट्रेशन और संबंधित चरण के डॉक्यूमेंट अपलोड किया जा सकते हैं.
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Source: IOCL

























