पीएम राहत योजना के तहत किन लोगों का मुफ्त होता है इलाज, जानें नियम व शर्तें
पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का खर्च सरकार वहन करेगी. पैमेंट मोटर वाहन दुर्घटना कोष से सीधे हॉस्पिटल को किया जाएगा.

केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ी पहल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम राहत योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल लोगों को सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यह योजना देश की किसी भी कैटेगरी की सड़क पर हुई दुर्घटना के प्रत्येक पात्र पीड़ित पर लागू होगी. यानी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग या ग्रामिण सड़क किसी भी स्थान पर दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति इस सुविधा का लाभ उठा सकेगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि पीएम राहत योजना के तहत किन लोगों का इलाज मुफ्त होता है और इसके नियम और शर्तें क्या है.
पीएम राहत योजना से जुड़े नियम और शर्तें
पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का खर्च सरकार वहन करेगी. पेमेंट मोटर वाहन दुर्घटना कोष से सीधे हॉस्पिटल को किया जाएगा. वहीं इस योजना के तहत जीवन को खतरे में नहीं डालने वाले मामलों में ज्यादातर 24 घंटे तक और गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्टेबलाइजेशन इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं इसके बाद भी सात दिनों की अवधि के अंदर कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रहेगी. यह पूरी प्रक्रिया एकीकृत डिजिटल प्रणाली के जरिए होगी, जिसमें पुलिस प्रमाणीकरण आवश्यक होगा. जो मामले गंभीर नहीं है उनमें 24 घंटे के अंदर और गंभीर मामलों में 48 घंटे के अंदर पुलिस की पुष्टि जरूरी होगी, ताकि इलाज बिना किसी रूकावट के चलता रहे और जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सके.
गोल्डन आवर में इलाज पर जोर
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार देश में हर साल बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं, जिनमें से कई की मौत समय पर इलाज न मिलने के कारण होती है. वहीं रिसर्च में सामने आया है कि अगर घायल को दुर्घटना के पहले एक घंटे यानी गोल्डन आवर के अंदर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है. इसी उद्देश्य से 112 हेल्पलाइन को आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से जोड़ा गया है. सड़क हादसे के पीड़ित, राहगीर या मौके पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 नंबर डायल कर निकटतम नामित हॉस्पिटल की जानकारी ले सकता है और एंबुलेंस सहायता मांग सकता है.
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