आज के समय में ज्यादातर लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और रिटर्न भी बेहतर मिले. लंबे समय तक बैंक एफडी को सबसे सुरक्षित ऑप्शन माना जाता रहा है. लेकिन हाल के महीनों में कई बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है. ऐसे में निवेशक अब ऐसे सरकारी ऑप्शन तलाश रहे हैं जो एफडी से ज्यादा रिटर्न देने के साथ सुरक्षित भी हो. ऐसे में आज हम आपको ऐसी तीन सरकारी स्कीम्स के बारे में बताते हैं जो बेहतर ब्याज दर के साथ भरोसेमंद ऑप्शन भी मानी जा रही है.
सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना खासतौर पर बेटियों के लिए बनाई गई लंबी अवधि की बचत योजना है. इस पर फिलहाल 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है जो सामान्य एफडी दरों से ज्यादा है. इस योजना में बेटी के नाम से खाता खोला जाता है. वहीं पेरेंट्स 15 साल तक इसमें निवेश कर सकते हैं और खाता 21 साल तक सक्रिय रहता है. न्यूनतम 250 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है, जबकि एक व्यक्ति साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जमा रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री है. यानी जो रिटर्न मिलेगा उस पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. बेटी की पढ़ाई या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए इसे मजबूत ऑप्शन माना जाता है.
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड भी एक सुरक्षित निवेश ऑप्शन है, जिस पर सरकार की गारंटी होती है. इन बॉन्ड की खासियत यह है कि उनकी ब्याज दर हर 6 महीने में रिसेट होती है. यह अंतरराष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र की दर से 0.35 प्रतिशत ज्यादा तय की जाती है. वहीं अभी इन पर करीब 8.05 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कई बैंकों की एफडी से ज्यादा है. इनकी अवधि 7 साल की होती है और ब्याज हर 6 महीने में सीधे निवेशक के खाते में जमा होता है. इसके अलावा न्यूनतम निवेश 1000 रुपये से किया जा सकता है और अधिकतम सीमा तय नहीं है. हालांकि इस पर मिलने वाला ब्याज निवेशक की टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है.
पब्लिक प्रोविडेंट फंड
पीपीएफ भी एक सरकारी स्कीम है, जिसे सुरक्षित और स्थिर रिटर्न के लिए जाना जाता है. इस पर इस समय इस पर 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है. इसमें भी हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये निवेश किया जा सकता है और अवधि 15 साल होती है. अगर कोई व्यक्ति 15 साल तक हर साल 1.5 लाख रुपये जमा करता है तो कुल निवेश 22.5 लाख रुपये होगा. वहीं मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर यह रकम लगभग 42 से 43 लाख रुपये तक पहुंच जाती है, खास बात यह है कि पीपीएफ का रिटर्न पूरी तरह टैक्स फ्री होता है.
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