आजकलघरपरमूवीऔरगेमिंगकाअनुभवथिएटरजैसाबनानासबकोपसंदहै. हालांकि, बड़ेस्क्रीनवालेस्मार्टटीवीकीकीमतलाखोंमेंहोतीहै, जोहरकिसीकेबजटसेबाहरहोतीहै. वहींप्रोजेक्टरकेजरिएकमखर्चेमेंभी 100 से 150 इंचतककीस्क्रीनकामजालियाजासकताहै. ऐसेमेंचलिएआजहमआपकोबतातेहैकी 10 हजारसेकमकीमत वाले प्रोजेक्टर और 40 हजार तक के महंगे टीवी में से अच्छा और कि‍फायती सौदा कौन सा होता है.

प्रोजेक्टर क्या होते हैं और कैसे काम करते हैं?

प्रोजेक्टर एक इलेक्ट्रॉनिकडिवाइस है जो किसी वीडियो या फोटो को दीवार या बड़ी स्क्रीन पर दिखता है. इसे लैपटॉप, मोबाइल, एंड्राइडप्रोजेक्टर के रूप में ओटीट‍ीकंटेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. छोटे आकार के प्रोजेक्टरपोर्टेबल होते हैं और गेमिंग या मूवीनाइट के लिए बेस्ट माने जाते हैं.

टीवी और प्रोजेक्टर की स्क्रीनसाइज और क्वालिटी

टीवी की स्क्रीनसाइजफिक्स होती है. आमतौर पर टीवी 32 से 85 इंच तक आता है. वहीं प्रोजेक्टर 120 से 150 इंच या इससे भी बड़ी स्क्रीन वाला हो सकता है. प्रोजेक्टर से घर का हर कमरा थिएटर जैसा बन सकता है. लेकिन प्रोजेक्टर की इमेजक्वालिटी कमरे की रोशनी पर निर्भर करती है. इसलिए इसे डार्क रूम में ही इस्तेमाल करना सबसे अच्छा माना जाता है. वहीं टीवी की ब्राइटनेसप्रोजेक्टर से ज्यादा होती है, इसलिए रोशनी वाले कमरे में भी टीवी अच्छे से देख सकते हैं. प्रोजेक्टर के लिए ल्यूमेंसरेटिंग मायने रखती है. हाई ल्यूमेंस वाले प्रोजेक्टर अंधेरे कमरे में सही से दिखाई देते हैं. इनके अलावा टीवी में बि‍ल्‍ट इन स्पीकर होते हैं, जो छोटे कमरे में पर्याप्त माने जाते हैं. वहीं प्रोजेक्टर में बेहतरसाउंड के लिए एक्सटर्नल स्पीकर्स या साउंड बार की जरूरत पड़ती है. अगर सही सेटअप किया जाए तो प्रोजेक्टर से थिएटर जैसी ऑडियोक्वालिटी भी मिल सकती है.

प्रोजेक्टर और टीवी की क‍ीमत

  • टीवी- 32 से 43 इंच के एचडी और फुलएचडी टीवी की कीमत आमतौर पर 12,000 से 40,000 तक आती है. वहीं 55 से 65 इंच के टीवी की कीमत 40,000 से ऊपर होती है.
  • प्रोजेक्टर- अगर प्रोजेक्टर की बात की जाए तो 10,000 से 30,000 में 1080p और 4के सपोर्ट वाला पोर्टेबलप्रोजेक्टर मिलता है जो 150 इंच तक स्क्रीन दे सकता है.

प्रोजेक्टर की कीमत कम लेकिन टीवी अभी भी बेहतर

टीवी के मुकाबले प्रोजेक्टर कम कीमत में मिल जाता है. लेकिन आपको अगर सही क्वालिटी की स्क्रीन चाहिए, तो टीवी की बेहतर माना जाता है. टीवी की इमेजक्वालिटीप्रोजेक्टर की तुलना में काफी बेहतर होती है, खासकर एचडीआर के साथ. जबकि आप प्रोजेक्टर खरीदते हैं तो इसका मतलब होता है कि आप इमेजक्‍वाल‍िटी के साथ कॉम्‍प्रोमाइज कररहेहैं. हालांकिआजकलऐसेभीप्रोजेक्टरमिलरहेहैंजोअच्छीइमेजक्वालिटीमेंमिलतेहैं. ऐसेमेंआपअपनेबजट के अनुसार प्रोजेक्टर या टीवी में से कोई एक खरीद सकते हैं.

ये भी पढ़ें-Virginity Test Law: क्या किसी लड़की का करवाया जा सकता है वर्जिनिटी टेस्ट, जानें भारत में इसको लेकर क्या है कानून