Confirm Train Ticket: भारतीय रेलवे से हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन सबसे बड़ी परेशानी होती है कन्फर्म टिकट मिलने की. खासकर त्योहार, छुट्टियों का सीजन या अचानक यात्रा के समय लोग अक्सर इस बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं कि तत्काल टिकट जल्दी कन्फर्म होती है या जनरल कोटे की वेटिंग टिकट. कई यात्रियों को लगता है कि तत्काल टिकट लेने से सीट पक्की हो जाती है, जबकि असल नियम थोड़ा अलग है. यहां से आप इसके बारे में विस्तार में जानेंगे.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें- रिटायरमेंट फंड के लिए कौन सा विकल्प है बेस्ट? जानें ब्याज दर और टैक्स के सारे नियम

जनरल और तत्काल टिकट में क्या है फर्क?

Continues below advertisement

रेलवे में सामान्य बुकिंग यानी जनरल कोटा की टिकटें यात्रा से करीब 120 दिन पहले खुल जाती हैं. इसमें सीटें पहले से तय होती हैं और जल्दी बुकिंग कराने पर कन्फर्म टिकट मिलने के चांस ज्यादा रहते हैं. वहीं, तत्काल टिकट यात्रा से एक दिन पहले बुक होती है. AC क्लास के लिए तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर क्लास के लिए 11 बजे शुरू होती है. तत्काल कोटा में सीटें सीमित होती हैं और कुछ ही मिनटों में भर जाती हैं.

यह भी पढ़ें- हेल्थ इंश्योरेंस में करें निवेश! बढ़ते मेडिकल खर्चों के बीच एक सही पॉलिसी बचा सकती है आपकी जमा-पूंजी

कौन- सी टिकट पहले होती है कन्फर्म?

अगर नियम की बात करें तो रेलवे में सबसे पहले कन्फर्म सीट जनरल कोटे की बुकिंग में मिलने की संभावना ज्यादा होती है. क्योंकि इसमें सीटों की संख्या ज्यादा होती है और यात्री पहले से टिकट बुक कर सकते हैं. तत्काल टिकट में सीटें कम होती हैं और डिमांड बहुत ज्यादा रहती है. ऐसे में कई बार तत्काल टिकट भी वेटिंग में चली जाती है. हालांकि अगर किसी ट्रेन में सामान्य कोटे की सीटें भर चुकी हों और तत्काल कोटे में सीट बची हो, तो तत्काल टिकट कन्फर्म मिल सकती है. आसान भाषा में समझें तो पहले से यात्रा प्लान है तो जनरल कोटे में टिकट बुक करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. अचानक यात्रा करनी हो तो तत्काल टिकट बेहतर विकल्प है, लेकिन इसमें कन्फर्म टिकट की गारंटी नहीं होती.

वेटिंग टिकट में किसे मिलता है फायदा?

रेलवे के नियमों के मुताबिक टिकट कन्फर्मेशन सीट उपलब्धता और कोटा पर निर्भर करता है. कई बार जनरल वेटिंग टिकट RAC या कन्फर्म हो जाती है क्योंकि उसमें सीटें ज्यादा होती हैं. जबकि तत्काल वेटिंग टिकट का कन्फर्म होना थोड़ा मुश्किल माना जाता है. सबसे खास बात यह है कि तत्काल वेटिंग ई-टिकट अगर चार्ट बनने तक कन्फर्म नहीं होती, तो वह अपने आप कैंसिल हो जाती है और यात्री यात्रा नहीं कर सकता. वहीं जनरल वेटिंग टिकट में RAC मिलने की संभावना थोड़ी बेहतर रहती है.

टिकट बुक करते समय रखें इन बातों का ध्यान-

  • यात्रा की तारीख पहले से तय है तो जल्दी टिकट बुक करें.
  • IRCTC ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन पहले से करके रखें.
  • तत्काल टिकट के समय पेमेंट ऑप्शन तैयार रखें.
  • वेटिंग टिकट लेने से पहले ट्रेन की सीट उपलब्धता जरूर चेक करें.

रेलवे में टिकट कन्फर्म होना पूरी तरह सीट उपलब्धता और डिमांड पर निर्भर करता है. लेकिन अगर तुलना करें तो पहले से कराई गई जनरल बुकिंग में कन्फर्म टिकट मिलने के चांस आमतौर पर ज्यादा ही रहता है.