Indian Railways: भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क माना जाता है. हर दिन लाखों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं. ऐसे में भारत के कुछ रेलवे स्टेशन अपनी अनोखी खासियत की वजह से चर्चा में रहते है. इनमें से एक स्टेशन ऐसा भी है जहां प्लेटफॉर्म तक गाड़ियां पहुंच जाती हैं. यह स्टेशन अपनी अलग व्यवस्था और डिजाइन के कारण लोगों को हैरान कर देता है.
भारत के अनोखे और मशहूर रेलवे स्टेशन
भारत में कई ऐसे अनोखे रेलवे स्टेशन हैं, जो अपनी खास पहचान के लिए जाने जाते हैं. मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस अपनी शानदार विक्टोरियन गोथिक वास्तुकला के लिए दुनियाभर में मशहूर है और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. वहीं भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं और एयरपोर्ट जैसी डिजाइन के कारण चर्चा में रहता है. लखनऊ का चारबाग रेलवे स्टेशन अपने महल जैसे ढांचे के लिए जाना जाता है. जबकि नवापुर रेलवे स्टेशन दो राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा पर बना है, जहां ट्रेन का एक हिस्सा एक राज्य में और दूसरा दूसरे राज्य में दिखाई देता है.
इसी तरह भवानी मंडी रेलवे स्टेशन राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला अनोखा स्टेशन माना जाता है. वहीं दार्जिलिंग के पास स्थित घुम रेलवे स्टेशन देश के सबसे ऊंचाई वाले रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है. इतना ही नहीं, भारतीय रेलवे में कुछ स्टेशनों के नाम भी लोगों का ध्यान खींचते हैं, जिनमें दीवाना और काला बकरा जैसे नाम शामिल हैं.
पिछले कुछ सालों में भारतीय रेलवे ने तेजी से आधुनिकीकरण किया है. वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें शुरू की गई हैं. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई स्टेशनों का विकास किया जा रहा है. रेल लाइनों का इलेक्ट्रिफिकेशन भी तेजी से बढ़ रहा है. इसके अलावा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, AI आधारित तकनीक और हाई-टेक सुरक्षा सिस्टम भी रेलवे को और मजबूत बना रहे हैं. साथ ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी काम तेजी से चल रहा है.
कहा है ये स्टेशन जहां ट्रेन के साथ चलती है कार
पश्चिम बंगाल स्थित हावड़ा जंक्शन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है. लेकिन इसकी एक खास बात इसे दूसरे स्टेशनों से अलग बनाती है. यहां प्लेटफॉर्म नंबर 8 और 9 के बीच से एक सड़क गुजरती है, जिसे ‘कैब रोड’ कहा जाता है.
इस सड़क के जरिए टैक्सी और दूसरी गाड़ियां सीधे प्लेटफॉर्म के पास तक पहुंच सकती हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलता है, क्योंकि उन्हें भारी सामान लेकर ज्यादा दूर नहीं चलना पड़ता. खासकर बुजुर्ग और परिवार के साथ सफर करने वाले लोगों के लिए यह सुविधा काफी मददगार मानी जाती है.
