Term Life Insurance India: देव अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए एक टर्म लाइफ इंश्योरेंस लेने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने अपने घर के लोन और बेटे की पढ़ाई के खर्चों को ध्यान में रखते हुए ₹ 3 करोड़ का कवर तय किया है. लेकिन उनकी सबसे बड़ी उलझन यह है कि उन्हें पॉलिसी की अवधि किस आयु तक जारी रखना चाहिए - 55 या 80?
यह फैसला करना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि इस पॉलिसी की अवधि आपकी जिम्मेदारियों और परिवार की जरूरतों से जुड़ी होती है. इस प्लान का सबसे अहम हिस्सा सही अवधि चुनना है.
टर्म लाइफ इंश्योरेंस क्या है?
टर्म लाइफ इंश्योरेंस एक सरल और सस्ता पॉलिसी है, जिसमें एक निश्चित समय के अंदर अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को आर्थिक सहायता मिलता है.
यह कम प्रीमियम पर ज्यादा कवर प्रदान करता है, लेकिन ऐसे मामलों में मैच्योरिटी पर कोई पैसा वापस नहीं मिलता. यह पॉलिसी निवेश के लिए नहीं होता, बल्कि सुरक्षा के लिए होता है.
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पॉलिसी की अवधि कैसे तय करें?
अगर आपके बच्चे हैं, तो एक ऐसी अवधि चुनें जो उन्हें घर से बाहर निकलने और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने तक के लिए पर्याप्त हो. यानी आपकी आय पर उनकी निर्भरता खत्म होने तक का समय कवर हो.
पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के टर्म इंश्योरेंस हेड वरुण अग्रवाल के अनुसार, अगर आपकी जिम्मेदारियां जैसे बच्चों की पढ़ाई, लोन और परिवार का खर्च 55-60 साल तक खत्म हो जाती हैं, तो इतनी अवधि का प्लान लेना पर्याप्त माना जाता है.
लंबी अवधि (70-80 साल) कब जरूरी है?
अगर आपके परिवार में गैर-कामकाजी जीवनसाथी हैं या जिनके बच्चे देर से हुए हैं, तो उनके लिए 70-80 साल तक का प्लान लेना ज्यादा बेहतर रहता है.
जरूरी बात यह है कि 55-60 साल तक के प्लान में प्रीमियम कम होता है, जबकि 80 साल तक के प्लान में प्रीमियम अधिक होता है. लेकिन इसके बदले आपको लंबें समय तक सुरक्षा मिलती है. इसलिए 80 साल की पॉलिसी उन्हीं लोगों के लिए सही है जिनकी वित्तीय जिम्मेदारियां देर से खत्म होती हैं.
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