बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के खर्चों के लिए बचत करना हर माता-पिता की प्राथमिकता होती है. केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना इस दिशा में एक विकल्प देती है, जिसमें छोटी उम्र से ही बेटी के नाम पर पैसा जमा किया जा सकता है.
इस योजना के तहत एक परिवार में सामान्य तौर पर अधिकतम दो बेटियों के खाते खोलने की अनुमति है. लेकिन अगर परिवार में जुड़वां या तीन बेटियां एक साथ पैदा हुई हैं, तो कुछ खास परिस्थितियों में तीसरा खाता खोलने की भी सुविधा मिल सकती है.
तीन बेटियां होने पर कब मिलेगा तीसरे खाते का लाभ?
योजना में कुछ विशेष परिस्थितियों में दो खातों की सीमा से छूट दी गई है. अगर पहली डिलीवरी में जुड़वां या तीन बेटियां पैदा होती हैं, तो निर्धारित शर्तें पूरी करने पर तीन खाते खोले जा सकते हैं. इसी तरह, यदि पहले एक बेटी पैदा हुई और उसके बाद जुड़वां या तीन बेटियों का जन्म हुआ, तो भी तीसरे खाते की अनुमति मिल सकती है.
अगर पहले ही जन्म में दो या उससे अधिक जीवित बेटियां पैदा हुई हों और बाद में एक और बेटी जन्म ले, तो अतिरिक्त खाते की अनुमति सामान्य नियमों के तहत नहीं मिलती. इसलिए केवल तीन बेटियां होना पर्याप्त नहीं है; बच्चों के जन्म का क्रम भी महत्वपूर्ण है.
एक परिवार में कितने खाते खुल सकते हैं?
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के नियमों के मुताबिक, माता-पिता या कानूनी अभिभावक एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के नाम पर खाते खुलवा सकते हैं. प्रत्येक बेटी के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है. यह खाता बच्ची के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र पूरी होने से पहले तक खुलवाया जा सकता है. इसके लिए डाकघर या योजना के तहत अधिकृत बैंक की शाखा में आवेदन किया जा सकता है.
हर साल कितनी रकम जमा कर सकते हैं?
इस योजना में प्रत्येक खाते के लिए एक साल में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. यानी यदि किसी परिवार को तीन खाते खोलने की अनुमति मिलती है, तो वह नियमों के अनुसार प्रत्येक खाते में अलग-अलग रकम जमा कर सकता है.
उदाहरण के तौर पर, तीनों खातों में हर साल अधिकतम राशि जमा करने पर कुल सालाना निवेश 4.5 लाख रुपये तक हो सकता है. हालांकि, वास्तविक लाभ जमा की गई रकम, निवेश की अवधि और लागू ब्याज दर पर निर्भर करेगा.
तीसरे खाते के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
तीसरा खाता खुलवाने के लिए माता-पिता या अभिभावक को बच्चों के जन्म से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने होते हैं. इनमें जुड़वां या तीन बेटियों के जन्म प्रमाणपत्र और योजना के नियमों के अनुसार जरूरी हलफनामा शामिल हो सकते हैं. कुछ मामलों में अधिकृत चिकित्सा संस्थान का प्रमाणपत्र भी मांगा जा सकता है. आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक या डाकघर से दस्तावेजों की पुष्टि करना बेहतर रहेगा.
टैक्स में भी मिल सकता है फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना में निर्धारित शर्तों के तहत टैक्स लाभ मिलता है. खाते की मैच्योरिटी अवधि खाता खोलने की तारीख से 21 साल है, जबकि जमा राशि शुरुआती 15 साल तक जमा की जा सकती है. इसलिए खाता खुलवाने से पहले पात्रता, टैक्स नियम और मौजूदा ब्याज दर की जानकारी जरूर लें.
तीन खातों से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा कैसे बन सकते हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दर और निर्धारित निवेश संबंधी मान्यताओं के आधार पर एक खाते में हर साल 1.5 लाख रुपये जमा करने पर मैच्योरिटी राशि लगभग 71.82 लाख रुपये हो सकती है. इसी अनुमान को तीन खातों पर लागू करने पर कुल रकम करीब 2.15 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. यह केवल एक अनुमान है, गारंटीड मैच्योरिटी राशि नहीं. भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव, जमा करने के समय और अन्य शर्तों के कारण वास्तविक राशि अलग हो सकती है.
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