State Wise DA Percentage: महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका असर सबसे ज्यादा आम लोगों की जेब पर पड़ता है. यही वजह है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए Dearness Allowance यानी DA काफी अहम माना जाता है. DA का मतलब महंगाई भत्ता होता है, जो कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई के असर को कम करने के लिए दिया जाता है. केंद्र सरकार समय-समय पर DA बढ़ाती है और उसके बाद कई राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बदलाव करती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के सभी राज्यों में DA एक जैसा नहीं होता. कुछ राज्य अपने कर्मचारियों को ज्यादा DA देते हैं, जबकि कुछ राज्यों में यह कम है. आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

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DA आखिर तय कैसे होता है?

महंगाई भत्ता कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर तय किया जाता है. केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार DA बढ़ाती है. इसके बाद अलग-अलग राज्य अपनी आर्थिक स्थिति और बजट के हिसाब से फैसला लेते हैं. इसी वजह से राज्यों में DA की दर अलग-अलग देखने को मिलती है.

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सबसे ज्यादा DA देने वाले राज्य

फिलहाल कई राज्य केंद्र सरकार के बराबर या उसके आसपास DA दे रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं, जहां सरकारी कर्मचारियों को अच्छा महंगाई भत्ता मिल रहा है. कुछ राज्यों ने हाल के महीनों में DA बढ़ाकर अपने कर्मचारियों को राहत देने की कोशिश की है. खासतौर पर चुनावी माहौल वाले राज्यों में DA बढ़ोतरी को लेकर तेजी देखने को मिलती है. जानकारों के मुताबिक जिन राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, वहां कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिल पाता है.

किन राज्यों में DA कम है?

कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां आर्थिक दबाव और बजट की सीमाओं की वजह से DA बढ़ोतरी धीमी रहती है. पंजाब, केरल और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में कई बार केंद्र के मुकाबले कम DA देखने को मिलता है. हालांकि, ये स्थिति समय-समय पर बदलती रहती है क्योंकि राज्य सरकारें अपने हिसाब से फैसले लेती हैं.

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कर्मचारियों के लिए DA जरूरी क्यों है?

सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का बड़ा हिस्सा DA से जुड़ा होता है. महंगाई बढ़ने पर अगर DA नहीं बढ़े तो रोजमर्रा के खर्च संभालना मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि हर बार जब केंद्र सरकार DA बढ़ाती है, तो राज्य कर्मचारियों को भी अपने राज्य सरकार के फैसले का इंतजार रहता है. DA बढ़ने का असर सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स पर भी पड़ता है. कई राज्यों में पेंशन पाने वालों को भी महंगाई राहत दी जाती है.

क्या आगे फिर बढ़ सकता है DA?

देश के अलग-अलग राज्यों में DA की दर अलग हो सकती है, लेकिन इसका मकसद कर्मचारियों को महंगाई से राहत देना ही होता है. जिन राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत है, वहां कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिलता है, जबकि कुछ राज्यों में बजट दबाव की वजह से DA कम रहता है. महंगाई के मौजूदा स्तर को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में फिर DA बढ़ोतरी हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा. हालांकि, अंतिम फैसला सरकारों की आर्थिक स्थिति और कैबिनेट मंजूरी पर निर्भर करेगा.