अगर आप सर्दियों में गरम पानी के लिए गीजर का इस्तेमाल करते हैं, तो हर महीने बढ़ने वाला बिजली का बिल आपकी जेब पर ज्यादा बोझ डाल सकता है. ऐसे में सोलर हीटर वाटर आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह सूरज की रोशनी से पानी गर्म करता है, जिससे बिजली की खपत कम करने में मदद मिलती है.

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हालांकि, कई अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि सर्दियों में कम धूप और कोहरे के बीच यह उपकरण कैसे काम करता है और इससे कितनी बिजली बचाई जा सकती है.

सर्दियों में कैसे काम करता है सोलर वाटर हीटर?

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दरअसल, सोलर वाटर हीटर ठंड के मौसम में भी काम करता है. सोलर वाटर हीटर में लगे कलेक्टर सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल करके पानी गर्म करता है. इसके लिए इसे छत पर ऐसी जगह लगाया जाता है, जहां काफी धूप मिल सके.

इसके स्टोरेज टैंक में इन्सुलेशन होता है, जो गर्म पानी को लंबे समय तक गर्म बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि, सर्दियों में धूप अच्छी निकलने पर यह पानी को गर्म कर सकता है, लेकिन कोहरा, बादल और कम धूप होने पर पानी गर्म होने में ज्यादा समय लग सकता है.

कितनी बिजली बचा सकता है सोलर वाटर हीटर?

सोलर वाटर हीटर से बिजली की बचत इस बात पर निर्भर करती है कि घर में गर्म पानी की कितनी जरूरत है और पहले कितना बिजली वाला गीजर इस्तेमाल किया जाता था. उदाहरण के तौर पर 100 लीटर क्षमता वाला सिस्टम सालभर में करीब 1,500 यूनिट तक बिजली बचाने में मदद कर सकता है. हालांकि, वास्तविक बचत मौसम और इस्तेमाल के मुताबिक कम या ज्यादा हो सकती है.

सोलर वाटर हीटर के कितने प्रकार हैं?

  • ETC (Evacuated Tube Collector): इस सिस्टम में खास कांच की ट्यूबों की मदद से सूरज की ऊर्जा इकट्ठा करके पानी गर्म किया जाता है.
  • FPC (Flat Plate Collector): इसमें फ्लैट प्लेट कलेक्टर सूर्य की ऊर्जा को सोखकर पानी गर्म करने में मदद करता है.

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