आज के समय में बड़ी संख्या में लोग सोलर पैनल लगवा रहे हैं, लेकिन क्या आप भी यहीं सोचते हैं कि सोलर पैनल केवल गर्मियों के लिए फायदेमंद है और सर्दियों में पैनल काम नहीं करते हैं तो असल में ऐसा नहीं है कि सर्दी में सोलर पैनल काम करना ही बंद कर देते हैं. हां, ये जरूर है कि सर्दियों में पैनल के बिजली बनाने की क्षमता गर्मियों के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि इसके पीछे भी वजह है, जिसके बारे में जानना जरूरी है.

Continues below advertisement

दरअसल, जब सर्दियों के समय में तापमान गिरता है तो ज्यादातर लोगों को लगता है कि तापमान गिरने का असर पैनल के बिजली जनरेट करने पर पड़ेगा, लेकिन असल में तापमान गिरने पर सोलर सेल की एफिशिएंसी बेहतर हो सकती है. हां, लेकिन ये जरूर है कि सर्दियों में कम धूप निकलने की वजह से पूरे दिन में पैनल बिजली कम पैदा कर सकते हैं.

क्या सर्दी में पैनल बेहतर काम करते हैं?

Continues below advertisement

आमतौर पर कई लोगों को लगता है कि केवल तेज धूप होने पर ही सोलर पैनल बेहतर काम करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. क्योंकि सोलर पैनल का प्रदर्शन सिर्फ धूप पर ही निर्भर नहीं करता है, बल्कि तापमान कैसा है इस बात का भी पूरा असर पड़ता है. अगर गर्मी ज्यादा होगी तो ऐसे में सोलर सेल की एफिशिएंसी कम हो सकती है और वहीं सर्दी में सेल धूप को बिजली में बदलने का काम ज्यादा बेहतर कर सकते हैं.

सर्दी में ज्यादा बिजली बनाते हैं या कम?

सबसे अहम सवाल तो यही है कि सर्दियों में सोलर पैनल ज्यादा बिजली बनाते हैं या फिर कम तो सर्दियों में दिन छोटे होते हैं. वहीं सूरज भी काफी देर से निकलता है और जल्दी डूब जाता है तो ऐसे में सर्दियों में पैनल की बिजली बनाने की क्षमता गर्मियों के मुकाबले कम रहती है. इसके अलावा सर्दियों में कोहरा, धुंध की वजह से भी इसकी बिजली पैदा करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है.

जानकारी के मुताबिक, सर्दियों में कुल बिजली जनरेट लगभग 5 से 15 प्रतिशत तक कम हो सकता है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सर्दियों में सोलर पैनल काम ही करना बंद कर देते हैं, बस सर्दियों में इनके कम करने की क्षमता थोड़ी कम हो सकती है, क्योंकि पैनल को बिजली जनरेट करने के लिए धूप चाहिए, चाहे गर्मी हो या सर्दी धूप रहेगी तो सोलर पैनल बिजली जनरेट करने लगता है. 

गर्मी में ज्यादा काम करते हैं सोलर पैनल

हां, ये सच है कि गर्मियों में सोलर पैनल सर्दियों के मुकाबले ज्यादा काम करते हैं क्योंकि गर्मी के दौरान दिन भी बड़े होते हैं और सूरज भी काफी समय के लिए निकलता है. लेकिन ये जरूर है कि जब गर्मियों में तापमान 45 से 50 डिग्री तक पहुंचता है तो पैनल के ज्यादा गर्म होने की वजह से उसकी वोल्टेज पर असर पड़ सकता है. यानी उसकी वोल्टेज कम हो सकती है, लेकिन वहीं सर्दियों में तापमान कम होने के कारण पैनल ज्यादा गर्म नहीं होते और वोल्टेज भी बेहतर बनी रहती है.

बिहार जाने वाले यात्री ध्यान दें, छठ से पहले रेलवे ने रद्द की 50 से ज्यादा ट्रेनें