Financial Planning: अगर आप भी म्यूचुअल फंड में SIP कर रहे हैं तो सिर्फ निवेश करना ही आपके लिए काफी नहीं है, बल्कि उसे लगातार जारी रखना भी जरूरी है. लेकिन ज्यादातर हमें यह देखने को मिलता है कि कई लोग SIP में निवेश करते-करते अचानक कुछ साल बाद उसे बंद कर देते है. ऐसे में बहुत कम लोग जानते हैं कि SIP में सबसे बड़ा फायदा लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर मिलता है.
दरअसल, लंबे समय के साथ आपका निवेश और उस पर मिलने वाला रिटर्न मिलकर एक बड़ा फंड तैयार करता है. ऐसे में अगर आप भी बिना किसी वजह के SIP बीच में रोक देते है, तो आपको मिलने वाला बड़ा रिटर्न भी कम हो सकता है. इसलिए SIP को लंबे समय तक जारी रखना बेहद जरूरी है.
आखिरी 5 साल क्यों बदल देते हैं खेल?
अगर 15 साल बाद बाजार में तेजी आती है और आपका रिटर्न 20% या 24% तक पहुंच जाता है, तो SIP में पहले से तैयार नोवेश काफी तेजी से आगे बढ़ने लगता है. ऐसे में सिर्फ आखिरी 5 साल में आपके फंड की वैल्यू कई गुना बढ़ सकती है.
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हालांकि, इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम भी रहता है जिससे आपका जमा फंड भी रिटर्न हो सकता है. यही वजह है कि आज लोग SIP में निवेश करने से डरते हैं. ऐसे में आपके लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि SIP में सब्र जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी जोखिम उठाने की है.
ऐसे हो सकता है बड़ा नुकसान
SIP का सबसे बड़ा नियम यह है कि समय को अपना साथी बनाइए. यानी अगर शुरुआती सालों में कम रिटर्न देखकर जल्दबाजी में निवेश बंद करने का फैसला करते हैं, तो यह बिल्कुल गलत है. वहीं, अगर आप लंबे समय तक निवेश बनाए रखते हैं, तो इससे आपको कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है और आपकी संपत्ति काफी तेजी से बढ़ती है. इसलिए जरूरी है कि आप SIP में निवेश करते वक्त सब्र बनाए रखें, क्योंकि यह सब्र आपके बेहतर रिटर्न की सबसे बड़ी कुंजी है.
कैसे बढ़ता है कंपाउंडिंग का असर?
अगर आप हर महीने SIP में 10,000 रुपये की निवेश करते हैं और आपको औसतन 12% सालाना रिटर्न मिल रहा है. शुरुआत में यह रिटर्न आपको कम नजर आ सकता है, लेकिन समय के साथ निवेश बढ़ने के साथ-साथ 12% का असर भी काफी तेजी से बढ़ने लगता है.
अगर आप करीब 20 साल तक निवेश करते है तो आपका कुल रकम 24 लाख रुपये होगा, जबकि आपके निवेश की वैल्यू करीब 99 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. यानी सिर्फ रिटर्न के रूप में आपको करीब 75 लाख रुपये मिल सकता है. यही कंपाउंडिंग की सबसे बड़ी ताकत है.
