SIP Investment: हर कोई चाहता है कि भविष्य के लिए सेविंग अच्छी- खासी हो जाए और एक बड़ा फंड तैयार हो, लेकिन एकमुश्त करोड़ों रुपये जुटाना आसान नहीं होता है. ऐसे में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान बेस्ट है. महीने की छोटी-छोटी बचत को लंबे समय तक निवेश करके आप करोड़ों रुपये तैयार कर सकते हैं. अगर आप 2 करोड़ रुपये का फंड बनाना है, तो सही प्लानिंग करना जरूरी है. यहां से आप इसके बारे में समझें.
क्या है SIP?SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान म्यूचुअल फंड में निवेश का ऐसा तरीका है, जिसमें हर महीने एक तय राशि निवेश की जाती है. इससे बाजार में उतार-चढ़ाव का असर औसत हो जाता है और लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है.
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कितनी SIP करनी होगी?
| मासिक SIP | निवेश अवधि | रिटर्न फंड |
| 6000 रुपए | 30 साल | 2.1 करोड़ |
| 8000 रुपए | 30 साल | 2.8 करोड़ |
| 10000 रुपए | 30 साल | 3.5 करोड़ |
| 15000 रुपए | 25 साल | 2.8 करोड़ |
| 25000 रुपए | 20 साल | 2.5 करोड़ |
नोट- ये कैलकुलेशन 12% के अनुमानित वार्षिक रिटर्न पर बेस्ड है.
कंपाउंडिंग है बड़ा हथियारएसआईपी में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है. यानी आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर रिटर्न कमाने लगता है. जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे और जितने लंबे समय तक जारी रखेंगे, उतना बड़ा फंड बनने की संभावना होगी.
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क्या हर साल SIP बढ़ानी चाहिए?अगर आपकी सैलरी बढ़ रही है तो एसआईपी में भी हर साल 10% से 15% तक का बढ़ाना चाहिए. इससे बिना ज्यादा दबाव के आपका निवेश तेजी से बढ़ता है और जल्दी करोड़ो रुपए बन जाते हैं. जितनी ज्यादा सेविंग होगी उतना अच्छा इंट्रेस्ट मिलेगा और उतने ही पैसे बनेंगे.
इन बातों का रखें ध्यानअगर आप एसआईपी शुरू करने वाले हैं तो लंबे समय के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड बेहतर ऑप्शन हो सकता है. बाजार में गिरावट आने पर हड़बड़ी में एसआईपी बंद न करें. केवल पिछले रिटर्न देखकर फंड न चुनें.
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