River construction news: भारत सरकार एक ऐसी सुरंग बनाने जा रही है जो दो नदियों को जोड़ेगी. उस सुरंग की लंबाई 8.7 किलोमीटर होगी. अगर इसके खर्चें की बात करें तो इसको बनाने में 2300 करोड़ का खर्चा आएगा. इस सुरंग की योजना की मदद से बिजली भी बनेगी. लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए यह संकट का विषय है. सरकार इस निर्माण के काम को 1 अगस्त शुरू करने के लिए योजना बना रही है. साथ ही बहुत सी ऐसी खास सुरंग हैं जिनकी अपनी अलग-अलग जरूरत है.

कितना खर्च आएगा

इस सुरंग को बनाने में 2300 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस सुरंग की लंबाई 8.7 किलोमीटर होगी. यह योजना लगभग 31 जुलाई 2029 तक पूरी हो जाएगी. इसे बनाने का मकसद चिनाब नदी के बचे हुए पानी को एक सुरंग के ज़रिये ब्यास नदी के क्षेत्र तक पहुंचाना है. इस परियोजना का कार्य NHPC करेगी. यह योजना हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में चिनाब नदी पर बनाई जाएगी. आगे चलकर इसके पानी से बिजली भी बनाई जाएगी.
 

कैसे बनाया जाएगा प्रोजेक्ट?

इस कार्य की शुरुआत ऊंचे पहाड़ों वाले इलाकों को शामिल करके होगी. इलाके की ज़मीन की ऊंचाई 3,095 मीटर से 6,517 मीटर तक है. साथ ही इस कार्य के बनने पर पाकिस्तान को पानी के संकट से गुजरना पड़ सकता है क्योंकि पहलगाम में हमला होने के बाद से भारत ने सिंधु नदी के पानी को लेकर सख्त कदम उठाए थे. भारत में इस परियोजना के कार्य से बिजली बनाई जाएगी, जिससे अधिक लोगों को सहारा मिलेगा.

यह भी पढ़ें -

यूपी में कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड? 5 लाख का मिलेगा मुफ्त इलाज, योजना को लेकर सरकार सख्त