Smart Electricity Meter Private Labs: अगर स्मार्ट मीटर लगने के बाद आपका बिजली बिल अचानक ज्यादा आने लगा है या आपको मीटर की रीडिंग पर शक है, तो जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है. केंद्र सरकार बिजली मीटर की जांच के नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. इसके अनुसार सरकार से मंजूरी मिलने पर प्राइवेट लैब भी स्मार्ट मीटर की जांच कर सकती है.

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फिलहाल अगर किसी कंज्यूमर को लगता है कि उसका बिजली मीटर सही रीडिंग नहीं दे रहा है, तो उसकी जांच सिर्फ रिलेटेड बिजली डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी की लैब में ही होती है. ऐसे में कई बार कंज्यूमर जांच प्रोसेस पर सवाल भी करते हैं और ईमानदारी से जांच की मांग करते हैं.

क्या बदलाव करने जा रही है सरकार?

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सरकार अब Government Approved Test Centre को मीटर जांच की मंजूरी देने की तैयारी में है. ये ऐसे टेस्ट सेंटर होंगे जिन्हें सरकार की मंजूरी मिलेगी. इनमें प्राइवेट कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं. इससे कंज्यूमर्स के पास डिस्ट्रिब्यूशन की लैब के अलावा एक और ऑप्शन होगा, जहां वे अपने स्मार्ट मीटर की जांच करा सकेंगे.

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क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. कई राज्यों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायतें भी सामने आई हैं. ऐसे मामलों में अगर मीटर की जांच किसी न्यूट्रल लैब में होगी, तो कंज्यूमर्स का भरोसा ज्यादा और विवाद भी कम होंगे.

नई इंतजाम लागू होने के बाद मीटर की जांच ज्यादा साफ हो सकती है. जांच के लिए सिर्फ डिस्ट्रिब्यूशन के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. इससे शिकायतों का फैसला तेजी से होने की उम्मीद है और अगर मीटर में कोई गड़बड़ी होगी तो उसका पता भी आसानी से चल सकेगा.

सरकार का मकसद क्या है?

सरकार का कहना है कि इस कदम से बिजली बिल से जुड़े विवाद कम होंगे और कंज्यूमर्स को ईमानदारी से जांच की सर्विस मिलेगी. लेकिन प्राइवेट लैब को सरकार के फिक्स नियमों का पालन करना होगा और उस पे रोजाना नजर रखना भी होगा, ताकि जांच पूरी तरह भरोसेमंद और साफ बनी रहे.

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