Real Estate Market: घर खरीदने वालों की घटती दिलचस्पी से रियल एस्टेट बाजार सुस्त, बड़े शहरों का हाल बेहाल
Property Market: 2026 में रियल एस्टेट बाजार में सुस्ती देखने को मिली है. जहां प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री घटी है, जबकि कुछ शहरों में अब भी मांग बनी हुई है.

- प्रमुख 8 शहरों में घरों की बिक्री 4% घटकर 84,827 यूनिट्स रही।
- मुंबई, एनसीआर और पुणे में बिक्री में आई गिरावट, चेन्नई, बेंगलुरु में तेजी।
- लगातार 14वीं तिमाही से डेवलपर्स के लॉन्च से ज्यादा सप्लाई।
- सप्लाई और डिमांड का अंतर 10,000 यूनिट्स से अधिक हुआ।
Housing Sales Decline: 2026 की शुरुआत में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती के संकेत देखने को मिल रहे है. देश के प्रमुख 8 शहरों में घरों की बिक्री सालाना आधार पर करीब 4 फीसदी घटकर 84,827 यूनिट्स रह गई है. जनवरी महीने में बिक्री 1 लाख यूनिट्स से नीचे आना खास रहा, क्योंकि ऐसा 18 तिमाहियों बाद देखने को मिला है.
एक रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट पिछले साल के मजबूत प्रदर्शन के बाद बाजार में आ रहे संतुलन को दिखाती है. इस दौरान कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है. हालांकि, बढ़ती कीमतों से खरीदारों ने भी थोड़ा सतर्क रुख अपनाया है. मांग में कमी की यह एक बड़ी वजह है.
बड़े शहरों में सुस्त पड़ी डिमांड
अगर शहरों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो गिरावट सबसे ज्यादा बड़े बाजारों में दिखी है. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बिक्री करीब 7 फीसदी घट गई है. साल 2026 के पहले तिमाही में 23,185 यूनिट्स की ही बिक्री हुई है. जो इस बड़े हाउसिंग मार्केट में गिरावट को दिखाता है.
दूसरी ओर, नेशनल कैपिटल रीजन और पुणे में भी हालात कुछ अच्छे नहीं रहे. यहां बिक्री में करीब 11 प्रतिशत की गिरावट आई. जहां एनसीआर में 12,734 और पुणे में 12,711 यूनिट्स बिके. इससे साफ है कि प्रमुख शहरों में खरीदारों की मांग पर दबाव बढ़ा है.
इन शहरों में रही तेजी
एक तरफ बड़े शहरों में कमजोरी देखने को मिली है. वहीं, दक्षिण भारत के बाजारों में मजबूत रही. बेंगलुरु में बिक्री करीब 5 फीसदी बढ़कर 13,092 यूनिट्स तक पहुंची है. जबकि चेन्नई में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं हैदराबाद में भी मामूली बढ़त के साथ बाजार लगभग स्थिर बना हुआ है.
छोटे शहरों की बात करें तो अहमदाबाद में 2 प्रतिशत और कोलकाता में 5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. इससे साफ है कि कुछ बाजारों में अब भी खरीदारों की दिलचस्पी बनी हुई है.
क्यों हो रही यह गिरावट?
बिक्री में आई गिरावट की एक बड़ी वजह बाजार में बढ़ती सप्लाई मानी जा रही है. लगातार 14वीं तिमाही से डेवलपर्स जितने घर बना रहे हैं, उतनी तेजी से खरीदार उन्हें खरीद नहीं पा रहे हैं.
इसका असर यह हुआ है कि सप्लाई और डिमांड के बीच का अंतर बढ़कर 10,000 यूनिट्स से ज्यादा हो गया है. जो 2023 की पहली तिमाही के बाद सबसे ज्यादा माना जा रहा है. बिक्री में आई कमी की यह मुख्य वजह बताई जा रही है.
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Source: IOCL



























