भारतीय रेलवे के कई स्टेशनों के नाम इतने अनोखे हैं कि उन्हें सुनकर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर इस स्टेशन का नाम ये क्यों रखा गया. कुछ स्टेशनों के नाम तो इतने बड़े हैं तो वहीं कुछ स्टेशनों के नाम काफी छोटे हैं. राजस्थान के पाली जिले में स्थित नाना रेलवे स्टेशन का नाम लोगों के बीच चर्चा में रहता है. कई लोगों को इस स्टेशन के बारे में हो सकता है जानकारी न हो और वहीं कुछ लोग इस स्टेशन का नाम नाना क्यों है इसके पीछे का कारण जानना चाह रहे हैं.  नाना स्टेशन पर एक भी प्लेटफॉर्म नहीं है?

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दरअसल, नाना स्टेशन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाह फैलती रहती है कि नाना स्टेशन पर एक भी प्लेटफॉर्म नहीं है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है. नाना स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म मौजूद हैं और यहां पर रोजाना लगभग 5-6 ट्रेनें ही आती-जाती हैं. 

इस स्टेशन का नाम नाना क्यों है?

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इस स्टेशन का नाम नाना होने पर कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर इसका नाम नाना ही क्यों है? कई लोग इस नाम को रिश्ते या नानाजी से जोड़ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. इसके पीछे यह वजह है कि स्टेशन का नाम यहां के नाणा गांव के नाम पर रखा गया है. जानकारी के मुताबिक, इस गांव का पहले नाम नानका था, लेकिन समय के साथ ही बोलचाल में इसका नाम छोटा होकर नाना हो गया.  

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स्टेशन पर कई सुविधा भी हैं मौजूद

हां, ये जरूर है कि नाना स्टेशन छोटा है, लेकिन यहां पर कुछ जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं जैसे...

  • यात्रियों के लिए टिकट काउंटर.
  • वहीं आराम करने के लिए वेटिंग रूम.
  • यात्रियों के लिए वॉशरूम की सुविधा.
  • खाने-पीने के लिए फूड स्टॉल.
  • स्टेशन के बाहर ऑटो-टैक्सी की सुविधा.

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