General Platform Ticket Booking:  देश में हर दिन लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. किसी को नौकरी पर जाना होता है. किसी को पढ़ाई के लिए दूसरे शहर पहुंचना होता है तो कोई रोज अप डाउन करता है. ऐसे में जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट के लिए मोबाइल ऐप बड़ी राहत देते थे. लंबी लाइन से बचने के लिए ज्यादातर यात्री UTS ऐप का इस्तेमाल करते थे. 

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लेकिन 1 मार्च से भारतीय रेलवे ने यह पुराना और लोकप्रिय ऐप बंद कर दिया है. अब टिकट बुकिंग का तरीका बदल चुका है. रेलवे का कहना है कि नया सिस्टम ज्यादा मार्डन और सुविधाजनक होगा. तो अब सवाल यही है कि टिकट कहां से मिलेगा और क्या नया फायदा मिलेगा. जाल लीजिए.

अब किस ऐप से बुक होंगे टिकट?

UTS ऐप बंद होने के बाद अब जनरल टिकटों की बुकिंग RailOne के जरिए होगी. यह प्लेटफॉर्म IRCTC द्वारा अधिकृत है और इसे एकीकृत टिकटिंग सिस्टम के तौर पर तैयार किया गया है. अब रिजर्वेशन टिकट, जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट सब एक ही ऐप से बुक किए जा सकेंगे. अलग-अलग ऐप रखने की जरूरत खत्म हो गई है. यूजर्स अपने पुराने मोबाइल नंबर से लॉगिन कर सकते हैं. जिससे ट्रांजिशन आसान रहेगा और डेटा भी सेफ रहेगा.

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नए ऐप के फायदे क्या हैं?

RailOne ऐप में बेहतर सर्वर स्पीड और आसान इंटरफेस दिया गया है. जिससे टिकट बुकिंग में देरी न हो. पेमेंट के लिए UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे कई ऑप्शन मिलते हैं. टिकट हिस्ट्री देखना और रिफंड लेना पहले से ज्यादा सीधा बनाया गया है. रेलवे का दावा है कि इससे ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या कम होगी. पीक टाइम में भी ऐप की परफॉर्मेंस स्टेबल रखने का दावा किया गया है. जिससे ऑफिस टाइम या त्योहारों में भी बुकिंग आसान रहे.

नए फीचर्स जो काम आएंगे

RailOne सिर्फ टिकट बुकिंग ऐप नहीं है. इसमें लाइव ट्रेन स्टेटस, पीएनआर चेक, ट्रेन सर्च और डिजिटल टिकट स्टोरेज जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलती हैं. क्यूआर कोड बेस्ड टिकट से चेकिंग प्रोसेस तेज और पेपरलेस होगी. सबसे राहत वाली बात यह है कि पुराने UTS ऐप का R Wallet बैलेंस उसी मोबाइल नंबर से लॉगिन करने पर नए सिस्टम में ट्रांसफर हो जाएगा. यानी आपका पैसा और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा. कुल मिलाकर, रेलवे ने टिकटिंग को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर इसे ज्यादा सरल और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की है.

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