Post Office Investment: पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स में किया गया निवेश सबसे सुरक्षित रहता है, क्योंकि इन पर सरकार की गारंटी होती है. साथ ही निवेशकों को आकर्षक ब्याज दरों का भी मिलता है.

Continues below advertisement

अगर आप भी अपनी बचत को ऐसी जगह लगाने का सोच रहे हैं, जहां निवेश सुरक्षित रहे और उसके साथ ही रिर्टन भी अच्छा मिले, तो पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित स्मॉल सेविंग स्कीम आपके काम आ सकती है. इसमे एक पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम हैं, जिसमें रेग्युलर इनकम की गारंटी होती है. इसमें सिर्फ एक बार निवेश करना होता है.

सरकार की सुरक्षा, रिस्क जीरो 

Continues below advertisement

पोस्ट ऑफिस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि ये ज़ीरो रिस्क स्कीम होती हैं. इसमें किए गए छोटे- बड़े  निवेश की गारंटी खुद सरकार लेती है. पोस्ट ऑफिस एमआईएस स्कीम सबसे ज्यादा रिटायर्ड लोगों और उन लोगों द्वारा ज्‍यादा पसंदी की जाती है, जो बाजार से जुड़े रिस्‍क के बिना रेगुलर इनकम चाहते हैं और ये स्कीम आपकी मेथली इनकम को पक्की कर देती है.

यह भी पढ़ें: अब सुरक्षित नहीं है रेल सफर! यात्रियों से हो रहा खिलवाड़, CAG रिपोर्ट से खुलासा

सरकार दे रही जबर्दस्त ब्याज

PO MIS योजना के अनुसार सरकार 7.4 फीसदी तक ब्टाज ऑफर कर रही है और इसका पेमेंट मंथली बेसिस पर किया जा रहा है. आप इस सरकारी स्कीम में 1000 रुपये से शुरूआत कर सकते और अपना अकाउंट ओपन करा सकते हैं. इसके साथ ज्वाइंट खाता भी खुलवा सकते हैं. आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ अप्लाई कर सकते हैं.

कितना कर सकते हैं एकमुश्त निवेश

मंथली इनकम की गारंटी देने वाली इस पोस्ट ऑफिस MIS अकाउंट के अनुसार लिमिट की बात करें, तो एक व्यक्ति सिंगल अकाउंट में 9 लाख रुपये और ज्वाइंट अकाउंट में मैक्सिमम 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकते है.

हर महीने होगी इतनी कमाई

अगर कमाई की बात करे तो, आप पोस्ट ऑफिस की मंथली सेविंग स्कीम में ज्वाइंट खाते में 15 लाख रुपये निवेश करते हैं तो आपके करेंट इंटरेस्ट रेट 7.4% के हिसाब से मंथली 5 साल तक 9,250 रुपये मिलेंगे. अगर मैच्योरिटी तक ब्याज से होने वाली कमाई को देखें, तो 5.55 लाख रुपये होगी.

यह भी पढ़ें: टिप दो, राइड जल्दी मिलेगी? अब ऐप पर नहीं दिखेगा ये ऑप्शन, सरकार का सख्त निर्देश

अगर ऐसा किया, तो होगा घाटा 

पोस्ट ऑफिस की इस वन-टाइम इन्वेस्टमेंट स्कीम में निवेशक ब्याज से होने वाली आय को अपनी जरूरत के अनुसार हर महीने, छमाही या सालाना प्राप्त कर सकते हैं. लेकिन इस स्कीम का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब खाते को उसकी मैच्योरिटी तक जारी रखा जाए. यदि आप तय अवधि से पहले खाता बंद कराते हैं, तो आपको वित्तीय नुकसान या कम रिटर्न का सामना करना पड़ सकता है.

इसके लिए बनाए गए नियमों को देखें, तो खाता खुलने के 1 से 3 साल के अंदर क्लोज क्लोज करानेपर मूलधन का 2% कटेगा. तीन से पांच साल के बीच क्लोज कराने पर 1% राशि कटेगी. मैच्योरिटी से पहले खाताधारक के निधन पर अकाउंट क्लोज कर सकते हैं और जमा राशि नॉमिनी की दी जाती है.

यह भी देखें-