PMAY-U Scheme: आज के समय में बड़े शहरों में कम बजट में अच्छा किराए का घर मिलना आसान नहीं है. पढ़ाई, नौकरी या काम के लिए दूसरे शहर जाने वाले लोगों को अक्सर किराए के मकान के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है. कई बार लोगों को अपनी जरूरत से छोटे घर में रहना पड़ता है तो कई बार ज्यादा किराया देना पड़ता है.

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अगर आप भी अपने घर से दूर किसी दूसरे शहर में रह रहे हैं और किराए के बढ़ते खर्च से परेशान हैं तो सरकार की अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (ARHC) योजना आपके काम आ सकती है. इस योजना के जरिए जरूरतमंद लोगों को कम किराए पर रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.

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ARHC योजना का मकसद क्या है?

ARHC यानी Affordable Rental Housing Complex केंद्र सरकार की ऐसी योजना है जिसे शहरों में रहने वाले कम आय वाले लोगों और प्रवासी कामगारों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को कम किराए में रहने के लिए बेहतर घर उपलब्ध कराना है. इस योजना की शुरुआत साल 2020 में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत की गई थी.

कोरोना महामारी के समय बड़ी संख्या में मजदूरों और कामगारों को शहर छोड़कर अपने गांव लौटना पड़ा था. उस दौरान सस्ते किराए के मकानों की कमी की बात सामने आई. इसी जरूरत को देखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की ताकि लोगों को शहरों में रहने के लिए किफायती घर मिल सकें.

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योजना का लाभ कौन ले सकता है?

इस योजना का लाभ मुख्य रूप से EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और LIG (निम्न आय वर्ग) के लोगों को दिया जाता है. जो लोग रोज कमाकर अपना गुजारा करते हैं और किराए के घर में रहते हैं, वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. इसमें दिहाड़ी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर, रिक्शा चालक, फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी, छात्र और काम की तलाश दूसरे शहर आने वाले लोग शामिल हैं.

अलावा PMAY-U (प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी) के लाभार्थी भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति काम या नौकरी की वजह से किसी दूसरे शहर में रह रहा है और वहां उसके नाम पर PMAY-U के तहत कोई घर नहीं है, तो वह भी इस योजना के लिए पात्र हो सकता है.

कैसे काम करती है योजना?

यह योजना मुख्य रूप से दो तरीके से चलाई जाती है.

  • एक तरीके में पहले से बने हुए खाली सरकारी घरों का इस्तेमाल किया जाता है. इन घरों को रहने लायक बनाकर जरूरतमंद लोगों को किराए पर दिया जाता है.
  • दूसरे तरीके में सरकारी और निजी संस्थाएं अपनी उपलब्ध जमीन पर नए किराए के मकान तैयार करती हैं ताकि ज्यादा लोगों को रहने की सुविधा मिल सके.

आवेदन के लिए क्या चाहिए?

योजना में किराया तय करने का तरीका दोनों मॉडल में अलग है. पहले मॉडल में किराया स्थानीय निकाय तय करता है. वहीं दूसरे मॉडल में मकान बनाने वाली संस्था किराया तय करती है. किराए में बढ़ोतरी की भी सीमा तय की गई है. हर दो साल में किराया बढ़ाया जा सकता है लेकिन पांच साल के दौरान कुल बढ़ोतरी 20 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती.

आवेदन के लिए आधार कार्ड या कोई दूसरा सरकारी पहचान पत्र देना जरूरी होता है. घरों के आवंटन में SC, ST, OBC वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है. इसके अलावा विधवा महिलाएं, कामकाजी महिलाएं, दिव्यांगजन, अल्पसंख्यक और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग भी प्राथमिकता में शामिल होते हैं. हालांकि इसके लिए उनका EWS या LIG श्रेणी में होना जरूरी है.

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कैसे करे आवेदन?

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो ARHC की आधिकारिक वेबसाइट https://arhc.mohua.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. यहां योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी और आवेदन की प्रक्रिया देखी जा सकती है. अगर आप नौकरी पढ़ाई या काम के लिए किसी दूसरे शहर में रह रहे हैं और हर महीने ज्यादा किराया देने से परेशान हैं तो ARHC योजना आपके लिए मददगार साबित हो सकती है. इसके जरिए कम किराए में रहने के लिए घर मिल सकता है जिससे रहने का खर्च कुछ हद तक कम हो सकता है.