अगर आप इलेक्ट्रिक एंबुलेंस खरीदने की सोच रहे हैं और इसकी मदद से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की सेवा शुरू करना चाहते हैं तो यह जानकारी आपके काम आने वाली है. क्या आप जानते हैं कि सरकार इलेक्ट्रिक एंबुलेंस खरीदने पर सब्सिडी का लाभ देती है? 

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अगर आपको इलेक्ट्रिक एंबुलेंस खरीदना है तो आपके लिए केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना काम आ सकती है. इस योजना के तहत सरकार पात्र लोगों को इलेक्ट्रिक एंबुलेंस खरीदने पर सब्सिडी देती है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इलेक्ट्रिक एंबुलेंस पर सरकार कितने रुपये की सब्सिडी देती है?

इस योजना का उद्देश्य क्या है?

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सबसे पहले जानते हैं कि सरकार ने इस योजना के लिए कितना बजट तय किया हुआ है तो जान लें कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक एंबुलेंस को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजट तक किया हुआ है. इस योजना का मकसद है कि देश में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक एंबुलेंस को चलाई जाएं. 

कितने रुपये इलेक्ट्रिक एंबुलेंस खरीदने पर मिलेंगे?

जानने वाली बात ये है कि सरकार इलेक्ट्रिक एंबुलेंस की बैटरी की क्षमता के हिसाब से सब्सिडी का लाभ देती है. योजना के तहत 1 किलोवाट बैटरी क्षमता पर 30 हजार रुपये की मदद दी जाती है. ध्यान देने वाली बात ये है कि ये पैसे एंबुलेंस की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 35 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती है. यानी सब्सिडी इन दोनों में से जो रकम कम होगी उतनी दी जाएगी. 

कैसे मिलता है सब्सिडी का पैसा?

अगर बात करें कि सब्सिडी का पैसा कैसे मिलता है तो आपको कोई सीधे रकम नहीं दी जाती है, बल्कि जब आप इलेक्ट्रिक एंबुलेंस खरीदेंगे तो डीलर के पास ही आपका आधार ई-केवाईसी वेरिफिकेशन किया जाएगा. फिर बाद में PM E-DRIVE पोर्टल की मदद से ई-वाउचर जनरेट होगा. इसके बाद इस वाउचर के आधार पर सब्सिडी के पैसे एंबुलेंस के बिल से घटा दिए जाएंगे. लेकिन ध्यान रखें, सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए एंबुलेंस का योजना के नियमों के मुताबिक पात्र होना महत्वपूर्ण है.

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