सोलर पैनल लगवाना फायदे का सौदा तो है. इसे लगवाने से बिजली बिल में भी राहत मिलती है और केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ भी मिलता है. कई बार लोग सोलर पैनल लगवा लेते हैं और पूरा पैसा वेंडर को दे देते हैं, लेकिन वेंडर से कुछ जरूरी कागजात लेना भूल जाते हैं. इसलिए जब भी सोलर पैनल लगवाएं तो वेंडर से ये सारे जरूरी दस्तावेज जरूर लें.
बता दें कि जब आप सोलर पैनल लगवाने के लिए वेंडर को फाइनल करते हैं तो सबसे पहले चेक करें कि काम पूरा हुआ है या नहीं. इसके अलावा वेंडर से जरूरी दस्तावेज भी लें. इनमें GST Invoice, Net Metering Application, Net Metering Application और Installation Report शामिल है.
GST इनवॉइस लेना है जरूरी
सोलर पैनल लगवाने वाले वेंडर से जो टैक्स इनवॉइस मिलता है उसमें चेक करें GST नंबर, आपका नाम और सोलर पैनल की कीमत लिखी हो. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपके पास पेमेंट और खरीदारी का रिकॉर्ड रहेगा, जो आगे आपके काम आ सकता है.
वारंटी कार्ज भी संभालकर रखें
GST इनवॉइस के साथ ही आप सोलर सिस्टम में उपयोग होने वाले इन्वर्टर और पैनल के वारंटी कार्ड लेना न भूलें.
नेट मीटर से जुड़े सबूत रखें
सोलर पैनल लगवाने के बाद नेट मीटर का प्रोसेस भी जरूरी होता है, इसलिए जो DISCOM में आपने नेट मीटर लगवाने के लिए आवेदन किया है उसकी रसीद को संभालकर रखें.
इस रिपोर्ट को लेना न भूलें
अगर आप सोलर पैनल लगवाने के बाद Installation और Commissioning Report नहीं लेते तो आपको आगे परेशानी हो सकती है. इस रिपोर्ट को लेना जरूरी है, क्योंकि इसमें सिस्टम की क्षमता और अर्थिंग की जांच से जुड़ी बातें होती हैं.
वेंडर की जानकारी पहले ही जांच लें
सोलर पैनल लगवाने से पहले वेंडर का चयन सोच-समझकर करें. भुगतान करने से पहले PM Surya Ghar Portal पर वेंडर का Active Status जरूर चेक कर लें. इसके साथ ही जब तक नेट मीटर चालू नहीं हो जाता है तब तक पूरी पेमेट न करें कुछ रकम रोककर रखें. इसका फायदा ये होगा कि आपको वेंडर से बाकी के पूरे काम करवाने में आसानी होगी.
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