Pension News: विदेश में शिफ्ट हो गए तो आपकी पेंशन का क्या होगा? जानें NPS और EPF के नए नियम
Pension News: विदेश जाने से आपकी पेंशन खत्म नहीं होती है, लेकिन है नियम जरूर बदल जाते हैं जानिए कैसे EPF, PPF और NPS पर पड़ेगा असर और साथ ही पैसे निकालने के क्या हैं नियम?

- विदेश जाते समय निवासी स्थिति बदलने से पेंशन नियम प्रभावित हो सकते हैं।
- NRI बनने पर PPF नहीं बढ़ेगा, NPS में योगदान जारी रह सकता है।
- EPF से राशि निकालना संभव, NPS में एकमुश्त निकासी सीमित है।
- पेंशन पर भारत या नए देश में कर लग सकता है।
Pension News: अगर कोई व्यक्ति विदेश जाने की प्लानिंग करता है तो उसका सबसे पहले ध्यान अक्सर वीज़ा, रहने की जगह, बच्चों की पढ़ाई और बैंक जैसी जरूरी चीजों पर पड़ता है, लेकिन इसी बीच वह पेंशन जैसी सबसे जरूरी चीज को भूल जाते हैं. सच यह है कि जैसे ही आप विदेश जाएंगे वैसे ही आपका रेजिडेंशियल स्टेटस बदल जाएगा. साथ ही आपके पेंशन से जुडें नियम भी बदल सकते हैं. इसलिए सही यही होगा कि आप विदेश जाने से पहले ही इससे जुड़ी जानकारी ले लें.
सबसे अच्छी बात यह है कि आपकी पेंशन पूरी तरह सेफ रहती है. आपने अब तक जो भी पैसे जमा किए होते हैं वह कहीं नहीं जाते. चेंज सिर्फ इस बात में आता है कि विदेश जाने के बाद आप उस पैसे का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं, क्योंकि जब आप नॉन-रेजिडेंट (NRI)बन जाते हैं तो कुछ भारतीय रिटायरमेंट स्कीम्स में योगदान बंद हो सकता है या फिर उस पर सीमाएं लग सकती हैं. उदाहरण के तौर पर EPF में नौकरी खत्म होने के बाद अक्सर नया योगदान रुक जाता है, लेकिन जमा पैसा वहीं सेफ रहता है और जब तक आप उसे निकालने या किसी दूसरी जगह ट्रांसफ़र करने का फ़ैसला नहीं कर लेते, तब तक वह वहीं पड़ा रहता है.
PPF आगे नहीं बढ़ेगा, NPS में जारी रहेगा इन्वेस्ट
अगर बात करें PPF की तो इसका तरीका थोड़ा अलग है. आप इस अकाउंट को तब तक चालू रख सकते हैं, जब तक यह मैच्योर नहीं हो जाता लेकिन एक बार NRI बन जाने के बाद, आप इसे आगे और नहीं बढ़ा सकते. NPS थोड़ा ज़्यादा लचीला है. विदेश जाने के बाद भी आप इसमें अपना योगदान जारी रख सकते हैं, लेकिन आप यह पैसा अपने NRE या NRO अकाउंट के ज़रिए जमा करें. ज़्यादातर लोगों के मन में आखिर में यह सवाल उठता है क्या आप भारत से बाहर रहते हुए भी इस पैसे का इस्तेमाल कर सकते हैं? ज़्यादातर मामलों में, आप ऐसा कर सकते हैं, लेकिन यह हमेशा उतना आसान या तुरंत नहीं होता, जितनी लोग उम्मीद करते हैं.
आम तौर पर नौकरी छोड़ने के बाद आप EPF का बैलेंस निकाल सकते हैं, बशर्ते आप इससे जुड़ी सभी ज़रूरी शर्तें पूरी करते हों. यह पैसा आपके भारतीय बैंक अकाउंट में जमा हो जाता है और ज़रूरत पड़ने पर आप इसे वहां से विदेश भेज सकते हैं. NPS के नियम थोड़े ज़्यादा सख़्त हैं, क्योंकि इसे रिटायरमेंट के लिए ही बनाया गया है. आप जब चाहें, तब इसमें से सारा पैसा एक साथ नहीं निकाल सकते. मैच्योरिटी के समय, आप इसका कुछ हिस्सा एक साथ (lump sum) निकाल सकते हैं, जबकि बाकी बचे पैसे को आपको किसी ऐसी एन्युइटी स्कीम में डालना पड़ता है, जिससे आपको नियमित तौर पर कुछ आमदनी होती रहे.
विदेश में पेंशन पर टैक्स का असर
आपकी पेंशन से होने वाली आमदनी पर भारत में या जिस देश में आप जाकर बसते हैं, वहां टैक्स लग सकता है या कभी-कभी दोनों ही जगहों पर टैक्स देना पड़ सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस देश के टैक्स-रेज़िडेंट हैं और क्या भारत का आपके नए देश के साथ कोई टैक्स-समझौता (tax treaty) है. उदाहरण के लिए अगर आप कुछ खास शर्तें पूरी करते हैं तो EPF से निकाला गया कुछ पैसा टैक्स-फ़्री हो सकता है, जबकि NPS से होने वाली एन्युइटी आमदनी पर आम तौर पर टैक्स लगता है. साथ ही, आपका नया देश भी उस इनकम पर टैक्स लगाना चाह सकता है, इसीलिए दोनों तरफ के टैक्स नियमों को चेक करना ज़रूरी है.
विदेश में पेंशन प्लानिंग पर दें ध्यान
इसमें करेंसी का भी एक पहलू है, जिसके बारे में लोग अक्सर पहले से नहीं सोचते. आपकी पेंशन रुपये में है, लेकिन विदेश में आपके खर्चे शायद किसी दूसरी करेंसी में होंगे. समय के साथ, एक्सचेंज रेट में बदलाव से इस बात पर काफ़ी फ़र्क पड़ सकता है कि आप जहां रहते हैं, वहां उस पैसे की असल कीमत कितनी है. तो आपको क्या करना चाहिए इसे जैसा है वैसा ही रहने दें या इसमें कुछ बदलाव करें? यह पूरी तरह से आपकी योजनाओं पर निर्भर करता है. अगर आपको लगता है कि आप कभी न कभी भारत वापस आएंगे तो अक्सर चीज़ों को वैसे ही रहने देना समझदारी होती है.
अगर आप लंबे समय के लिए विदेश जा रहे हैं तो आपको अपनी रिटायरमेंट की रकम के स्ट्रक्चर के बारे में फिर से सोचना पड़ सकता है. चाहे जो भी हो सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप इसे नज़रअंदाज़ न करें. जब आप विदेश जाते हैं तो आपकी पेंशन खत्म नहीं हो जाती, लेकिन वह थोड़े अलग नियमों के हिसाब से काम करने लगती है. आप जितनी जल्दी उन नियमों को समझ लेंगे, बाद में किसी भी तरह की परेशानी से बचना उतना ही आसान होगा.
Source: IOCL


























