Passport Rules: भारत में रहने वाले लोगों के पास बहुत से डाॅक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं. जिममें पासपोर्ट भी एक बहुत जरूरी डाॅक्यूमेंट होता है. इसके बिना आप भारत से बाहर कहीं ट्रैवल नहीं कर सकते हैं. लेकिन इसे बनवाने के लिए आपको एक तय प्रोसेस से गुजरना होता है. नार्मली माना जाता है अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ पुराना क्रिमिनल केस पेंडिंग हो.
तो फिर उसका पासपोर्ट बनना मुश्किल है. लेकिन आपको बता दें हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला दिया गया है. जिसमें बताया गया है अगर किसी के नाम कोई पेंडिंग तो कैसे वह पासपोर्ट बनवा सकता है. जान लीजिए इसके लिए क्या होगी पूरी प्रोसेस. जान लीजिए वकील से अपने अधिकार.
पेंडिंग केस में पासपोर्ट का प्रोसेस क्या है?
अगर आपका मामला ट्रायल कोर्ट में चल रहा है. और आप पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं तो उसी अदालत से परमिशन ले सकते हैं. कोर्ट से एनओसी या विदेश यात्रा की परमिशन मिल जाए तो पासपोर्ट अथॉरिटी को उस आदेश का पालन करना होता है. सुप्रीम कोर्ट ने महेश कुमार अग्रवाल वर्सेज यूनियन ऑफ इंडिया में साफ कहा था कि पेंडिंग आपराधिक मामला पर्मानेंट बैन नहीं है.
यह भी पढ़ें: अब भूल जाओ IRCTC, 1 मार्च से सिर्फ इस ऐप से ही बुक होंगे ट्रेन टिकट, जानें कैसे करता है काम?
मतलब यह कि अगर अदालत आपको बाहर जाने की इजाजत देती है. तो आवेदन को सिर्फ केस पेंडिंग होने के आधार पर रिजेक्ट नहीं किया जा सकता. कई बार लोग जानकारी न होने के चलते आवेदन ही नहीं करते. जबकि उनके कानूनी ऑप्शन मौजूद होते हैं. इसलिए इस बात को जानना जरूरी है.
क्या हैं आपके अधिकार?
सुप्रीम कोर्ट के वकील अराफत अहमद के इस पर बताया कि पासपोर्ट कानून की धारा 6 (2) (f) के तहत विभाग को अधिकार है कि वह पेंडिग आपराधिक मामले की सिचुएशन में एप्लीकेशन होल्ड कर सकता है. लेकिन इसे आखिरी फैसला मान लेना सही नहीं है. अगर संबंधित अदालत आपको विदेश यात्रा की परमिशन दे देती है. तो वही आदेश प्रभावी माना जाएगा और पासपोर्ट अथॉरिटी को उसका पालन करना होगा.सरकारी गाइडलाइंस में भी साफ है कि न्यायिक अनुमति मिलने के बाद पासपोर्ट जारी या रिन्यू किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें: जिस वेबसाइट पर कर रहे पेमेंट, वह किसी फ्रॉड की तो नहीं? ये स्टेप्स तुरंत बचा देंगे आपका कीमती पैसा
कोर्ट कुछ कंडीशंस लगा सकती है. जैसे तय समय में वापस आना या सुनवाई की तारीख पर मौजूद रहना. यानी भले ही केस पेंडिंग है लेकिन यह आपके अधिकार खत्म नहीं करता. प्रोसेस थोड़ी अलग जरूर होती है. लेकिन सही कानूनी सलाह के साथ आप अपना पासपोर्ट हासिल कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें: क्या एक बेटे को पूरी प्रॉपर्टी देकर बाकी बच्चों को बेदखल कर सकता है पिता, कानून के हिसाब से यह कितना सही?
