Passport Police Verification: पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया आज पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है. फॉर्म भरना, अपॉइंटमेंट लेना और फीस देना सब कुछ सिस्टम के जरिए होता है. इसके बावजूद एक चीज आज भी लोगों को परेशान करती है. पुलिस वेरिफिकेशन. बहुत से लोगों ने यह अनुभव किया है कि वेरिफिकेशन के लिए घर आए पुलिसकर्मी पैसे मांगते हैं. कहीं 500 रुपये, कहीं 1000 और कहीं तो 2000 रुपये तक की डिमांड रखी जाती है. 

Continues below advertisement

कई बार यह भी कहा जाता है कि पैसे नहीं दिए तो रिपोर्ट नेगेटिव लगा देंगे या प्रक्रिया लटका देंगे. ऐसे में आम आदमी डर जाता है और बिना सवाल किए पैसे दे देता है. लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह जानना है कि क्या पुलिस को पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगने का कोई कानूनी अधिकार है या नहीं.

क्या पुलिस पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए पैसे मांग सकती है?

पासपोर्ट की पूरी फीस ऑनलाइन फॉर्म भरते समय ही जमा हो जाती है. नॉर्मल पासपोर्ट के लिए अप्लाई करते वक्त 1500 रुपये ऑनलाइन देने होते हैं. इसी फीस के बाद आपको अपॉइंटमेंट डेट मिलती है. इसके बाद न पासपोर्ट ऑफिस में कोई पैसा देना होता है और न ही किसी पुलिसकर्मी को. पुलिस वेरिफिकेशन इस प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसके लिए अलग से कोई चार्ज नहीं लिया जाता. 

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें: क्या कपल्स को होटल से गिरफ्तार कर सकती है पुलिस, क्या है कानून?

साफ शब्दों में, पुलिस को पासपोर्ट रिपोर्ट के नाम पर आपसे एक रुपया भी मांगने का अधिकार नहीं है. अगर कोई पुलिसकर्मी पैसे मांगता है. तो वह सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रहा है. यह फीस नहीं, बल्कि रिश्वत की कैटेगरी में आता है. ऐसे में डरने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत होती है.

अगर पैसा मांगा जाए तो क्या करें?

नियमों के मुताबिक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगना पूरी तरह गैरकानूनी है. रिश्वत मांगना या लेना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 173 के दायरे में आता है. वहीं रिश्वत देना अब भी अपराध माना जाता है और इस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 8 के तहत कार्रवाई हो सकती है. यानी पैसा मांगना भी अपराध है और देना भी.

यह भी पढ़ें: खाते में गलती से आए पैसे न लौटाने पर कितनी मिलती है सजा,क्या है बैंक का रूल

अगर कोई पुलिसकर्मी आपसे पैसे मांगता है. तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं. अपने जिले के एसपी, डीएसपी या एसएसपी रैंक के अधिकारी से संपर्क करें. कई राज्यों की पुलिस वेबसाइट पर इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं. सबसे जरूरी बात यही है कि आप जागरूक रहें. नियम जानेंगे तभी गलत मांग के सामने मजबूती से खड़े हो पाएंगे.

यह भी पढ़ें: आप जो सरसों का तेल खा रहे हैं, असली है या मिलावटी? खरीदने से पहले जान लें सच