ऑनलाइन ठगी का पैसा अब होगा वापस! आपको बचाएंगे 2026 के नए कानूनी तरीके और RBI, पढ़ें नियम
Online Fraud: भारत अब दुनियाभर में डिजिटल भारत के रूप में पहचान बना चुका है. लेकिन डिजिटल होने के साथ ही ऑनलाइन ठगी की शिकायतें भी बढ़ गई हैं. तो आइये बताते हैं इससे कैसे बचें और पैसा वापस कैसे पाएं.

Cyber Crime: भारत जैसे- जैसे डिजिटल बनता जा रहा है, वैसे ही ठगों ने भी अपने पैर पसार लिए हैं. डिजिटल पेमेंट्स, यूपीआई, ई-कॉमर्स और मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाओं ने जहां जिंदगी को आसान बना दिया है. वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन ठगी के भी कई मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यदि आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए हैं तो भी आपके पैसे वापस आ सकते हैं. हम आपको बताते हैं कैसे.
साइबर क्राइम क्या है?
सबसे पहले तो हम ये जानते हैं कि साइबर क्राइम या ऑनलाइन ठगी क्या है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगाना ऑनलाइन ठगी कहलाता है. इसके लिए स्कैमर्स फर्जी कॉल या मैसेज करते हैं और आपकी बैंक डिटेल्स मांगते हैं. कई लोग ओटीपी के जरिए आपके अकाउंट से पैसों का ट्रांजेक्शन कर लते हैं. नकली वेबसाइट, एप या फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर भी ठगी की जाती है. इसके बारे में आपको पता भी नहीं चलता, और देखते ही देखते आपका बैंक अकाउंट खाली हो जातै है.
ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
अगर आप भी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए हैं तो इसके बाद परेशान होने से कोई मतलब नहीं है, बल्कि तत्काल प्रभाव से आपको एक्शन मोड में आ जाना चाहिए.
फोन पर शिकायत करें
सबसे पहले आपको 1930 (राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर) पर फोन कर ठगी के बारे में जानकारी देना चाहिए. इस पर फोन कर आप तुरंत ट्रांजेक्शन की जानकारी दें, इससे संबंधित एजेंसियां तुरंत ही आपके पैसे के ट्रांजेक्शन को रोक लेंगी या फिर अनजान लोकेशन पर भेजे गए पैसे को वापस आपके खाते में डाल देंगी.
ऑनलाइन शिकायत करें
यदि किसी वजह से कॉल नहीं कर पा रहे हैं तो आप ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. इसके लिए cybercrime.gov.in वोबसाइट पर Report Financial Fraud पर शिकायत करें. यहां आप सारी जानकारी भरकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
बैंक से करें संपर्क
ऑनलाइन ठगी होने के बाद आपको शिकायत करने के बाद तुरंत ही बैंक से भी संपर्क कर लेना चाहिए. बैंक के कस्टम केयर नंबर पर फोन कर आप ट्रांजेक्शन की जानकारी दें और बताएं कि आपके साथ ठगी हुई है, जिससे जो पैसा बचा है वो आगे कोई निकाल ना सके. क्योंकि अक्सर ये साइबर चोर थोड़ा- थोड़ा करके ही पैसा निकालते हैं.
FIR करवाएं दर्ज
इसके बाद आपको लीगल तरीके से भी शिकायत करना चाहिए. जिससे आपका पैसा आपके पास वापस लाने में पुलिस की मदद ली जा सके. अगर ज्यादा बड़ी रकम आपके खाते से निकाली गई है तो आपको नजदीकि पुलिस स्टेशन पर जाकर शिकायत दर्ज करना चाहिए. इससे पुलिस कोर्ट के जरिए भी रिकवरी करवा सकती है.
RBI की गाइडलाइन्स क्या कहती हैं?
RBI यानी भारतीय रिजर्व बैंक साइबर ठगी को लेकर काफी सख्त है. इसने अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइंस भी जारी की हैं. जिसमें दो प्रमुख बिंदु हैं, पहला है जीरो लाइबिलिटी, इसके जरिए अगर ठगी के मामले में आपकी कोई गलती है तो पूरा नुकसान बैंक उठाएगा. तो वहीं दूसरा बिंदु है लिमिटेड लाइबिलिटी, इसके जरिए यदि आपकी तरफ से थोड़ी सी भी लापरवाही हुई है, तो बैंक अपनी जिम्मेदारी आपकी गलती के हिसाब से उठाएगा. इससे आपके नुकसान की भरपाई सीमित हो पाएगी.
कैसे बचें ठगों से?
साइबर ठगी के इतने सारे मामले आ रहे हैं, जिनको सुनकर ही पता चल जाता है कि हमें किस तरह की जानकारी ऑनलाइन या फोन पर शेयर नहीं करना चाहिए. जैसे किसी अनजान नंबर से आए कॉल पर ओटीटी नहीं बताना चाहिए, अपना पैन कार्ड नंबर नहीं बताना चाहिए. फोन कॉल पर बैंक की डिटेल्स शेयर नहीं करना चाहिए. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए. ऐसे मामलों में आप जितना सावधान रहेंगे उतने ही सुरक्षित भी रहेंगे.
Source: IOCL

























