Ola Electric News: केरल में एक उपभोक्ता विवाद मामले में ओला इलेक्ट्रिक को बड़ा झटका लगा है. राज्य के उपभोक्ता आयोग ने एक ग्राहक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कंपनी को सेवा में कमी का जिम्मेदार मानते हुए ग्राहक के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है. आयोग ने कंपनी को इलेक्ट्रिक स्कूटर की पूरी कीमत लौटाने के साथ मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी देने का आदेश दिया है. आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से....

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क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता ने मई 2023 को Ola S1 Pro Gen 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था. स्कूटर की कीमत करीब 1.3 लाख रूपये थी, जिसमें से कुछ रकम गाड़ी खरीदने के लिए उसने डाउन पेमेंट और बाकी बैंक लोन के जरिए चुकाई थी. हालांकि उसने स्कूटर पर कंपनी की वारंटी के अलावा एक्स्ट्रा वारंटी भी खरीदी थी. लेकिन कुछ ही महीनों बाद स्कूटर के रियर शॉक एब्जॉर्बर में खराबी आ गई. जिसके बाद उसे नजदीकी सर्विस सेंटर से मदद नहीं मिलने पर करीब 100 किलोमीटर दूर मंगलुरु स्थित सर्विस सेंटर पर जाना पड़ा.

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ग्राहक ने किन परेशानियों की शिकायत की?

ग्राहक के मुताबिक मरम्मत के बाद भी स्कूटर की बैटरी में बार-बार तकनीकी खराबियां आती रहीं. उसने बताया कि बैटरी की चार्ज कम होने पर गाड़ी अपने आप बंद हो जाती थी. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि रियर शॉक एब्जॉर्बर में खराबी दोबारा आने की शिकायत भी की गई. ग्राहक को लोन पर ब्याज, यात्रा खर्च और कामकाज में परेशानी के कारण उसे आर्थिक नुकसान हुआ. क्योंकि लगातार गाड़ी में दिक्कतों के कारण उसे दूसरा गाड़ी खरीदना पड़ा.

उपभोक्ता आयोग ने क्या कहा?

आयोग ने माना कि कंपनी वारंटी बावजूद ग्राहक को अच्छी सेवा नहीं दी गई. साथ ही ग्राहक को मरम्मत के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी, जो समय और पैसे दोनों की बर्बादी है. इसके बाद आयोग ने कंपनी की वारंटी की कुछ शर्तों पर भी सवाल उठाए और उन्हें उपभोक्ता हितों के खिलाफ बताया. हालांकि मामले की सुनवाई के बाद कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं दी गई.

कंपनी को कितना हर्जाना भरना होगा?

आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक और सम्बंधित आउटलेट को स्कूटर की कीमत के रूप में करीब 1.3 लाख रुपये ग्राहक को वापस करने का आदेश दिया. इसके अलावा ग्राहक को 25,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश भी दिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि 5,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के तौर पर भी हर्जाना देना होगा. आदेश के मुताबिक कंपनी को यह रकम तय समय सीमा के भातर अदा करनी होगी.

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