New Labour Codes 2026: कंपनियों या संस्थानों में जॉइनिंग के समय में अकसर बताया जाता है कि साल में आपको कितनी छुट्टियां मिलनी है, लेकिन हकीकत में काम का इतना दबाव रहता है कि उतनी छुट्टी लोग ले नहीं पाते. ऐसे में बिना इस्तेमाल किए गए ही छुट्टियां खत्म हो जाती हैं. हालांकि, अब ऐसा नहीं होगा. केंद्र सरकार ने नए लेबर कोड (New Labour Code) के तहत छुट्टियों के नकदीकरण (Leave Encashment) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है.

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इसके तहत, अब कर्मचारी हर साल अपनी अतिरिक्त छुट्टियों को नकदी (Encashment) में बदल सकेंगे. पुराने नियमों के अनुसार, आमतौर पर रिटायरमेंट के वक्त या नौकरी छोड़ने पर ही बची हुई छुट्टियों का पैसा निकालने की अनुमति थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.यह कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर है.

क्या है नया नियम? 

नए लेबर कोड के तहत हुए इस अहम बदलाव के चलते अब कर्मचारी साल के आखिर में अपनी बची हुई छुट्टियों को कैश (Encash) करा सकते हैं. बता दें कि ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020 के तहत एक कर्मचारी साल के आखिर में अधिकतम 30 दिन की अर्जित छुट्टियां (Earned Leave) ही अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकेंगे.

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अगर आपके पास बची हुई छुट्टियां 30 दिन से ज्यादा है, तो आपको उन अतिरिक्त छुट्टियों का पैसा भी कंपनी को देना होगा. मान लीजिए कि आपके पास साल के आखिर तक 45 छुट्टियां बची हैं, तो 30 दिन अगले साल में जुड़ जाएगा और बाकी 15 दिन का पैसा मिल जाएगा. 

नए नियमों में ये भी बातें शामिल

  • मान लीजिए कि आपने छुट्टी मांगी है और बॉस ने छुट्टी देने से मना कर दिया है, तो यह '30 दिन वाली लिमिट' में नहीं गिनी जाएगी. 
  • कंपनी को कर्मचारी के इस्तीफे के बाद फुल एंड फाइनल (F&O) से जुड़ा हिसाब-किताब दो दिन (48 घंटे) में निपटाना होगा.
  • पहले अर्न लीव’ का हकदार बनने के लिए 240 दिन काम करना अनिवार्य होता है, लेकिन अब 180 दिन के बाद ही आप छुट्टियां कमाने और उन्हें कैश में बदलने के हकदार होंगे. 

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