Chandigarh 1949 Rent Law: अगर आप चंडीगढ़ में रहते हैं और खासतौर से किराये के मकान में रहते हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. खबरें हैं कि यहां किराये के मकानों में रहने वाले लोगों और मकान मालिकों के लिए बड़ा बदलाव किया जाने वाला है. जिससे मकानमालिक और किरायेगार के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी और कोई भी मकान मालिक मनमाना किराया नहीं ले पाएगा. तो वहीं कोई भी किरायेदार अवैध कब्जा नहीं कर पाएगा.
असम टेनेंसी एक्ट 2021दरअसल केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ शहर में असम टेनेंसी एक्ट 2021 लागू करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही अब किराये पर घर या दुकान देने के लिए लिखित रेंट एग्रीमेंट जरूरी होगा. नए नियमों का मकसद किरायेदारी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और मकान मालिक और किरायेदार दोनों को कानूनी सुरक्षा देना है. इस नए कानून के तहत अब बिना लिखित समझौते के किरायेदारी को मान्यता नहीं मिलेगी.
क्या- क्या होगा रेंट एग्रीमेंट में?इस नए रेंट एग्रीमेंट में किराया, सिक्योरिटी मनी, रहने की अवधि और अन्य शर्तों को स्पष् रूप से लिखना होगा. इस एक्ट केलागू होने से भविष्य में होने वाले विवाद कम होंगे और दोनों पक्षों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे. नए नियमों के अनुसार तय समय के बाद भी मकान खाली नहीं करने वाले किरायेदारों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं सुरक्षा राशि की सीमा भी तय की गई है ताकि किरायेदारों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े. विवादों के निपटारे के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे मामलों का तेजी से समाधान हो सके.
अब तक क्या थी स्थिति?अभी तक चंडीगढ़ में ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट 1949 लागू था, जिसे काफी पुराना और मौजूदा जरूरतों के हिसाब से कमजोर माना जा रहा था. नए कानून में किरायेदारों को मनमाने तरीके से बेदखल करने पर रोक लगाने के साथ-साथ मकान मालिकों को समय पर किराया न मिलने की स्थिति में कानूनी राहत का प्रावधान भी किया गया है.
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