EPFO Nomination: ईपीएफओ ने ईपीएफ स्कीम के नियमों के तहत अपने सभी सदस्यों के लिए ई-नॉमिनेशन बहुत जरूरी कर दिया है. सही नॉमिनेशन होने से यह पक्का होता है कि सदस्य की मौत होने पर पीएफ का फायदा आसानी से चुने गए नॉमिनी को मिल सके.

Continues below advertisement

इसके अलावा नॉमिनेशन करने से ईपीएफ का पैसा क्लेम करते समय परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े और कानूनी उलझनों से बचने में मदद मिलती है. क्योंकि नॉमिनेशन की सुविधा ईपीएफओ ​​पोर्टल पर ऑनलाइन मौजूद है, इसलिए सदस्य घर बैठे आसानी से ज़रूरी जानकारी सबमिट कर सकते हैं. हालांकि ई-नॉमिनेशन तभी मान्य माना जाता है, जब आप उस पर समय रहते ई-साइन करते हैं.

EPFO: करोड़ों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने मंजूर की 8.25% की EPF ब्याज दर, जानें कब होगी क्रेडिट

Continues below advertisement

ई-नॉमिनेशन डॉक्यूमेंट क्या कहता है?

ईपीएफ ई-नॉमिनेशन डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि जिन ई-नॉमिनेशन को सिर्फ़ फाइल किया गया है और जिनकी पीडीएफ पर ई-साइन नहीं किया गया है, उन पर सदस्य की मृत्यु की हालत में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. ई-नॉमिनेशन तभी पूरा माना जाता है जब पीडीएफ पर ई-साइन किया गया हो'.

EPF नॉमिनेशन से जुड़े नियम 

ईपीएफ और ईपीएस के तहत नॉमिनेशन के नियम अलग-अलग हैं. ईपीएफ एक्ट के मुताबिक, पुरुष कर्मचारी की पत्नी, बच्चे (शादीशुदा या अविवाहित), बुजुर्ग माता-पिता और बेटे की विधवा और बच्चे परिवार माने जाएंगे. वहीं महिला कर्मचारी के मामले में उसका पति, बच्चे (शादीशुदा या अविवाहित), उन पर निर्भर माता-पिता, पति-पत्नी के उन पर निर्भर माता-पिता और बेटे की विधवा व बच्चे परिवार माने जाएंगे.

Hormuz: LPG सिलेंडर पर बड़ी खुशखबरी, होर्मुज से भारत रवाना हुए 40 टैंकर, आ रहा रसोई गैस वाला जहाज

इसी तरह ईपाएफ के मामले में परिवार का मतलब है कर्मचारी के पति या पत्नी, कर्मचारी का नाबालिग बेटा या बेटी और गोद लिया हुआ बेटा या बेटी, जिसे सदस्य की मृत्यु से पहले गोद लिया गया हो.