NHAI Toll Tax Rules: 14 जुलाई से शुरू हुआ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. ये एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ दिनों बाद ही धंस गया है. जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों की लागत से बनाया गया है एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश की चपेट में आ गया. हालांकि इस मामले की फिलहाल जांच चल रही है. लेकिन इस एक्सप्रेस वे पर सफर करने वालों के मन में एक सवाल है, कि अब उन्हें ऐसी स्थिति में टोल टैक्स देना होगा या नहीं? आइय जानते हैं.
पहली बारिश की भेंट चढ़ा लखनऊ- कानपुर एक्सप्रेसवेकरीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था. इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे. एक्सप्रेसवे पर अगले दिन यानी 14 जुलाई से ट्रैफिक शुरू किया गया था. जिसके कुछ दिन बाद ही उन्नाव जिले के कोरारी क्षत्र के पास एक पुल के अप्रोच एम्बैंकमेंट यानी पुल तक पहुंचने वाली सड़क का हिस्सा खराब हो गया है.
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मरम्मत का काम है जारीजिस जगह पर पहले करीब 20 मीटर सड़क की मरम्मत की गई थी, उसके पास फिर से नुकसान हो गया है. इसके बाद NHAI ने पूरे 220 मीटर लंबे अप्रोच हिस्से की मरम्मत कराने का फैसला किया है. मरम्मत के चलते कोरारी टोल प्लाजा के पास ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है. NHAI के मुताबिक, मरम्मत का काम करीब दो दिनों में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद सामान्य रूप से यातायात शुरू कर दिया जाएगा.
क्या देना होगा टोल?हालांकि इसी बीच ये सवाल भी किया जा रहा है कि सड़क खराब है और वहां मरम्मत का काम चल रहा है, ऐसे में क्या अब टोल से बचा जा सकता है. इस सवाल का जवाब है कि सड़क के किसी हिस्से में यदि खराबी आ जाती है या उसकी मरम्मत की जानी होती है, तो टोल अपने-आप माफ नहीं हो जाता. टोल माफी या छूट तभी मिलेगी जब NHAI या सरकार की तरफ से आधिकारिक आदेश जारी किया जाए. अगर सिर्फ ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है और टोल प्लाजा चालू है, तो सामान्यतः टोल लिया जा सकता है.
फिलहाल सरकार ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है, तो यदि आप इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने का प्लान बना रहे हैं तो टोल आपको उसी तरह से देना होगा जैसे आम दिनों में दे रहे हैं.
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इंजीनियरों पर हुई कार्रवाईबता दें कि NHAI ने मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई है. समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल शुरुआती कार्रवाई के रूप में दो स्वतंत्र इंजीनियरों और निर्माण कंपनी के एक मेंटेनेंस इंजीनियर को जांच पूरी होने तक काम से हटा दिया गया है.
