एलपीजी उपभोक्ताओं के मन में गैस कनेक्शन की E-KYC को लेकर कई सवाल चलते हैं. गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी की समय सीमा अब खत्म हो चुकी है. आखिर डेट 14 सितंबर 2026 थी, लेकिन अब कई लोग इस बात को लेकर ही कन्फ्यूज हैं कि अगर उन्होंने एक बार अपने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी करवा ली है तो क्या अब उन्हें दोबारा करवाने की जरूरत है?
आमतौर पर सामान्य ग्राहकों को एलपीजी कनेक्शन की Re-KYC करवाने की जरूरत नहीं होती है. लेकिन हां, ये जरूर है कि किसी विशेष परिस्थितियों में यह प्रोसेस दोबारा करना पड़ सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आपको सब्सिडी और गैस कनेक्शन से जुड़ी किसी समस्या का सामना न करना पड़े तो आपको ई-केवाईसी से जुड़ी जरूरी बातों को अभी समझ लेना चाहिए. जानते हैं कि किन लोगों को Re-KYC करवाने की जरूरत होती है.
ई-केवाईसी के नियम क्या है?
सामान्य एलपीजी ग्राहकों ने अगर आधार बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए एक बार ई-केवाईसी करवा ली है तो उन्हें सामान्य तौर पर दोबारा ई-केवाईसी करवाने की जरूरत नहीं पड़ती है. लेकिन वहीं अगर आप प्रधानमंत्री उज्जवला योजना यानी PMUY के लाभार्थियों में से हैं तो आपको DBT सब्सिडी का लाभ लेने के लिए हर एक साल में Re-KYC करानी पड़ सकती है.
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किन्हें Re-KYC करवाना पड़ता है?
अब जानते हैं कि आखिर Re-KYC किन उपभोक्ताओं के लिए करवानी जरूरी है. आमतौर पर जिन्हें अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या एड्रेस या फिर किसी दूसरे सदस्य के नाम पर ट्रांसफर होने पर रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए भी Re-KYC करवानी पड़ सकती है. वहीं अगर आप प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभर्थियों में से हैं तो ये प्रक्रिया आपके लिए जरूरी है.
अगर आपने अभी तक एक बार भी ई-केवाईसी नहीं करवाई तो आपको इसे जल्द से जल्द करवा लेना चाहिए, ताकि आपको अपने गैस कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े. हालांकि, इसकी समयसीमा14 सितंबर तक थी, लेकिन अगर आप अभी भी ई-केवाईसी करवा लेते हैं तो आपको सिलेंडर से जुड़ी दिक्कत नहीं होगी.
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