Portable Biogas Plant: LPG सिलेंडर का इस्तेमाल तो देशभर में ज्यादातर लोग करते हैं, लेकिन इसके दाम बढ़ने के बाद अब लोग इसका दूसरा विकल्प भी तलाश रहे हैं, ताकि उनका एलपीजी का खर्च कम हो जाए. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में अब पोर्टेबल बायोगैस प्लांट काफी चर्चा में है. आइए जानते हैं कि आखिर ये पोर्टेबल बायोगैस प्लांट काम कैसे करता है और इसके क्या फायदे हैं?

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कैसे काम करता है पोर्टेबल बायोगैस प्लांट?

बता दें कि यह रेडी-टू-यूज यूनिट होती है, जिसे आपको खरीदने के बाद जमीन से सेट करना होता है. अगर इस प्लांट को चलाने की बात करें तो इसे चलाने के लिए आपको रोजाना तीन पशुओं का ताजा गोबर डालना होता है, इसके साथ ही पानी भी डाला जाता है, जिसकी मदद से गैस बनती है.

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दावा किया जाता है कि अगर आप अपने घर में पोर्टेबल बायोगैस प्लांट का इस्तेमाल करते हैं तो इससे हर महीने करीब दो एलपीजी सिलेंडर के बराबर गैस मिलेगी, जिसकी मदद से आप आसानी से खाना बना सकते हैं.

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कैसे होता है सेटअप?

पोर्टेबल बायोगैस प्लांट की लंबाई और चौड़ाई की बात करें तो यह लगभग 10 फीट लंबा और 7 फीट चौड़ा होता है. इसे लगाने के लिए आपको ज्यादा जगह की जरूरत नहीं है. सबसे पहले जमीन में करीब 2.5 फीट गहरा गड्ढा किया जाता है, फिर इसे लगाया जाता है. 

कितनी कीमत है?

पोर्टेबल बायोगैस प्लांट की कीमत लगभग 18 हजार है, लेकिन आपको इसी कीमत में बायोगैस यूनिट के साथ ही फिल्टर, पाइपलाइन इतना ही नहीं, बल्कि खास चूल्हा मिलता है. इसे एक बार लगाने से यह लंबे समय तक आपका साथ दे सकता है और आपके लिए फायदेमंद साबित भी हो सकता है.

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पोर्टेबल बायोगैस प्लांट के फायदे क्या-क्या हैं?

  • इसे लगाने के बाद हर महीने 2 एलपीजी सिलेंडर के बराबर गैस की बचत होगी.
  • अगर आप एक बार पैसे लगाते हैं तो आपको लंबे समय तक गैस का फायदा मिलेगा.
  • ये रेडी-टू-यूज है, जिसकी मदद से आप इसे आसानी से लगा सकते हैं और साथ ही इसे शिफ्ट भी कर सकते हैं.
  • सबसे खास बात यह है कि इससे गोबर और गीले कचरे का इस्तेमाल सही तरीके से होता है.
  • इसकी मदद से साफ-सफाई भी बनी रहती है.