LPG Cylinder Storage Rules: एलपीजी गैस को लेकर इन दिनों लोगों के मन में कई सवाल चल रहे हैं. कुछ जगहों पर ऐसी खबरें भी सामने आईं कि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं और घर में एक्सट्रा स्टॉक रख रहे हैं. सरकार का कहना है कि देश में गैस की सप्लाई नार्मल है और रोजाना लाखों सिलेंडर घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं. आमतौर पर बुकिंग के दो से तीन दिन के भीतर डिलीवरी भी मिल रही है.
इसके बावजूद कई जगहों पर गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें सामने आई हैं. यूपी में एक नेता के यहां 55 सिलेंडर मिले हैं. ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन कार्रवाई भी कर रहे हैं. इसी वजह से कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर घर में कितने गैस सिलेंडर रखना नियमों के हिसाब से सही है और अगर कोई जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करता है तो उस पर क्या कार्रवाई हो सकती है.
घर में कितने LPG सिलेंडर रख सकते हैं?
घरेलू गैस कनेक्शन लेने वाले लोगों के लिए सिलेंडर रखने को लेकर कुछ तय नियम होते हैं. ये नियम सुरक्षा और सही सप्लाई बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं.
आमतौर पर व्यवस्था इस तरह रहती है:
- एक सामान्य घरेलू कनेक्शन पर 14.2 किलो के दो सिलेंडर रखे जा सकते हैं.
- इनमें एक सिलेंडर इस्तेमाल में रहता है और दूसरा बैकअप के तौर पर रखा जाता है.
- जरूरत पड़ने पर तुरंत दूसरा सिलेंडर लगाया जा सकता है.
- यही व्यवस्था ज्यादातर गैस कंपनियों के कनेक्शन में लागू रहती है.
इससे घरों में गैस का इस्तेमाल भी आसान रहता है और एक्सट्रा स्टॉक की जरूरत नहीं पड़ती.
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कब माना जाता है गैस सिलेंडर की जमाखोरी?
अगर कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर इकट्ठा कर लेता है तो इसे जमाखोरी की कैटेगरी में रखा जा सकता है. खासकर तब जब सिलेंडर सामान्य घरेलू जरूरत से काफी ज्यादा हों.
ऐसी सिचुएशन में मामला गंभीर माना जाता है:
- घर या गोदाम में कई भरे हुए सिलेंडर जमा रखना.
- बुकिंग के नियमों का गलत तरीके से फायदा उठाना.
- घरेलू सिलेंडर को व्यावसायिक काम में इस्तेमाल करना.
- सिलेंडर को ज्यादा कीमत पर बेचने की कोशिश करना.
ऐसे मामलों की जानकारी मिलने पर अधिकारी जांच करते हैं और आगे की कार्रवाई तय की जाती है.
जमाखोरी करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?
भारत में एलपीजी गैस को जरूरी चीजों की कैटेगरी में रखा गया है. इसलिए इसकी कालाबाजारी या जमाखोरी को कानून गंभीर मामला मानता है.
नियमों के तहत सख्त कदम उठाए जा सकते हैं:
- एक्सट्रा सिलेंडर जब्त किए जा सकते हैं.
- जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया जा सकता है.
- कानून के तहत 3 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल हो सकती है.
- इसके साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
सरकार का कहना है कि देशभर में हर दिन करीब 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है. इसलिए लोगों को घबराकर एक्सट्रा सिलेंडर बुक करने से बचना चाहिए.
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