अगर आपके घर में भी LPG कनेक्शन है और उस पर सब्सिडी लगती है, तो यह खबर आपके लिए है. 1 अक्टूबर 2026 से बिना eKYC (बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन) के घरेलू LPG सिलेंडर की खरीद पर ग्राहकों को मिलने वाली खत्म हो जाएगी. यानी कि अगर कल 30 सितंबर 2026 तक आपने अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की, तो आपको सिलेंडर बिना सब्सिडी के सीधे बाजार भाव पर खरीदना पड़ेगा. 

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अगर किसी वजह से कल तक आप अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कर पाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा या आपके घर LPG की डिलीवरी नहीं की जाएगी. ऑथेंटिकेशन नहीं करवाने पर सब्सिडी के बिना और लागू मार्केट प्राइस पर ग्राहक LPG ले सकेंगे.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने बताया कि 19 सितंबर तक 274.3 मिलियन एक्टिव घरेलू LPG ग्राहकों (यानी कुल ग्राहकों का 89.9%) ने बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर लिया था. जिन ग्राहकों ने यह प्रोसेस पहले ही पूरा कर लिया है, उन्हें इसे दोबारा करने की जरूरत नहीं है.

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हमें कितनी मिलती है सब्सिडी?

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से आम उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरकार सीधे तौर पर सब्सिडी नहीं देती है. यानी कि आम उपभोक्ताओं के बैंक अकाउंट में उज्जवला योजना के लाभार्थियों की तरह बैंक अकाउंट में पैसे नहीं भेजे जाते हैं, बल्कि सरकार सीधे तेल कंपनियों को वित्तीय मदद देती है ताकि बाजार में गैस के दाम बेलगाम न बढ़ें. सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, सरकार प्रति सिलेंडर लगभग 210 का यह अप्रत्यक्ष बोझ खुद उठा रही है.

अगर आप 30 सितंबर 2026 तक ई-केवाईसी कराने से चूक जाते हैं, तो सरकार 210 रुपये की यह परोक्ष छूट देना बंद कर देगी. इसके बाद आपको गैस सिलेंडर बाजार भाव पर खरीदना होगा. यानी कि आने वाले महीनों में अंतर्राष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमतें तय होंगी, जिससे आपको प्रति सिलेंडर अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है, जो 1000 रुपये या उससे भी ऊपर जा सकती है. 

किन्हें मिलती है 300 रुपये की सब्सिडी?

सरकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये प्रति सिलेंडर की फिक्स्ड सब्सिडी देती है. यह रकम सीधे बैंक उनके बैंक अकाउंट में DBT के जरिए भेजी जाती है. हाल में हुए बदलावों के तहत अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सालभर में केवल पहले 4 ही गैस सिलेंडर पर 300 रुपये की यह सब्सिडी मिलेगी, जबकि पहले यह 9 सिलेंडरों पर मिलती थी. 

क्यों ई केवाईसी करा रही सरकार?

देश में बहुत से लोगों ने एक ही नाम या पते पर कई गैस कनेक्शन (फर्जी या डुप्लीकेट) ले रखे हैं। अंगूठा या चेहरा स्कैन (eKYC) होने से यह पता चल जाता है कि गैस कनेक्शन का असल में किसके नाम पर है, जिससे फर्जी कनेक्शन तुरंत ब्लॉक हो जाते हैं. कई लोग घर के नाम पर सस्ता (सब्सिडी वाला) सिलेंडर लेते हैं, लेकिन उसका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट या शादियों में कमर्शियल तौर पर करते हैं। eKYC होने से यह गड़बड़ी पूरी तरह से रूक जाएगी और सरकारी सब्सिडी का लाभ उन्हें ही मिलेगा, जो वाकई में इसके हकादार होंगे. 

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