दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर Annual पास चलेगा या नहीं? कितना देना होगा टोल, जानें सभी सवालों के जवाब
Delhi-Dehradun Expressway Charge: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 675 एकतरफा और 1010 राउंड ट्रिप टोल तय किया गया है, जिससे यह देश के महंगे रूट्स में शामिल हो गया है, हालांकि इसके पीछे कारण भी हैं.

- FASTag मासिक/सालाना पास से बार-बार यात्रा में बचत संभव।
Delhi-Dehradun Expressway Charge: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोग काफी समय से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब इसका इंतजार लगभग खत्म हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को इसका उद्घाटन करेंगे और फिर ये एक्सप्रेसवे जनता के लिए हमेशा के लिए खुल जाएगा. इस एक्सप्रेसवे पर टोल को लेकर हर ओर चर्चा हो रही है. अगर आप भी पहाड़ों पर वीकेंड मनाने का प्लान कर रहे हैं तो अच्छा होगा कि आप पहले अपने FASTTAG का बैलेंस चेक कर लें.
NHAI ने हाल ही में टोल दरों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. दिल्ली से देहरादून तक एक तरफ़ा सफ़र के लिए आपको 675 रुपए का टोल देना होगा और 24 घंटे के अंदर आने-जाने (राउंड ट्रिप) का खर्च 1010 रुपए आएगा. इस वजह से यह देश के सबसे महंगे रास्तों में से एक बन गया है.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग 210 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है, जो दिल्ली से देहरादून के बीच सफर को तेज और आसान बनाने में मदद करेगा. इस एक्सप्रेसवे पर टोल दरें गाड़ी के प्रकार के मुताबिक तय की गई है जैसे..
- कार और SUV के लिए एकतरफा यात्रा का टोल करीब 670-675 रुपए हो सकता है.
- वहीं 24 घंटे के अंदर वापसी करने पर करीब 335 तक चार्ज लिया जा सकता है.
- मिनी बस या हल्के कमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल करीब 1,100 और बड़ी बसों या दो धुरी वाले ट्रकों के लिए 2,300 से ज्यादा हो सकता है.
- खास बात यह है कि अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक का हिस्सा टोल-फ्री रहेगा.
Fastag का सालाना पास काम करेगा या नहीं?
बता दें कि इस एक्सप्रेसवे पर फास्टैग का सालाना पास पूरी तरह से मान्य है, क्योंकि यह एक्सप्रेसवे एक राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे है, इसलिए इस पर केंद्र सरकार की ओर से 15 अगस्त 2025 से लागू की गई नई 'सालाना पास' योजना के नियम लागू होते हैं. इस पास के लिए आपको 3075 रुपए खर्च करने होंगे. यह सक्रिय होने की तारीख से 1 साल या 200 यात्राओं (जो भी पहले हो) के लिए मान्य होता है.
FASTag के महीने वाले पास से भी मिलेगा फायदा
सबसे जरूरी बात यह है कि जो लोग रोजाना इस रूट पर सफर करते हैं, उनके लिए FASTag का मासिक या सालाना पास सस्ता पड़ सकता है. टोल प्लाजा के पास रहने वालों को करीब ₹330 में लोकल पास भी मिल सकता है. बार-बार यात्रा करने पर कुल खर्च में 30-40 प्रतिशत तक की बचत हो सकती है.
टोल महंगा क्यों है?
बता दें कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण सामान्य सड़कों जैसा आसान नहीं था. यह रास्ता शिवालिक के जंगलों और पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरता है, जहां हाईटेक इंजीनियरिंग का उपयोग किया गया है. इसके साथ ही यह सड़क आपको 6-7 घंटे के सफर को घटाकर सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा करने में आपकी मदद करेगा. इससे आपके समय की भी बजत होगी, जिसके चलते यह खर्च कई लोगों के लिए सही माना जाता है.
Source: IOCL

























